सिर्फ 100 रुपये के लिए हाई-वोल्टेज ड्रामा, शहडोल में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा !

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मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के धनपुरी इलाके में एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को दहला दिया। मात्र 100 रुपये न मिलने से नाराज एक 30 वर्षीय युवक गोलू मोबाइल टावर पर चढ़ गया और छलांग लगाने की धमकी देने लगा। यह घटना विलियस नंबर-1 क्षेत्र में मस्जिद के निकट स्थित मोबाइल टावर पर हुई, जहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, गोलू (30 वर्ष) को मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। उसने किसी व्यक्ति से 100 रुपये मांगे थे, लेकिन उस व्यक्ति ने देने से इनकार कर दिया। इस छोटी-सी बात पर गोलू इतना आक्रोशित हो गया कि आवेश में आकर वह पास ही लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर वह नीचे कूदने की धमकी देने लगा। देखते ही देखते यह खबर फैल गई और इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग सांस थामे इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखते रहे, जिसमें किसी भी अनहोनी का खतरा मंडरा रहा था।

पुलिस की संवेदनशील कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने युवक की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेहद संयम और समझदारी से काम लिया। पुलिस ने टावर के नीचे से गोलू से बातचीत शुरू की और उसे शांत करने के हर संभव प्रयास किए। लंबी मिन्नतों और समझाइश के बाद थाना प्रभारी ने गोलू को 100 रुपये देने का भरोसा दिलाया।

यह सुनते ही युवक का गुस्सा ठंडा पड़ा और वह धीरे-धीरे टावर से नीचे उतर आया। पुलिस की सूझबूझ भरी रणनीति और मानवीय व्यवहार से बड़ी दुर्घटना टल गई। सभी मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

बाद की कार्रवाई

युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों को युवक की मानसिक स्थिति के बारे में समझाइश दी गई और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सलाह दी गई। पुलिस ने इस मामले में कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की, क्योंकि युवक की मानसिक कमजोरी को मुख्य कारण माना गया।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटी-छोटी बातें कभी-कभी बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं, खासकर जब व्यक्ति मानसिक रूप से असंतुलित हो। साथ ही, पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया। शहडोल जिले में ऐसी घटनाएं समाज में जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करती हैं, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर।

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