कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देशानुसार विकासखंड रहली में अनुविभागीय अधिकारी कुलदीप पाराशर द्वारा अशासकीय विद्यालयों के संचालकों एवं प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य निजी विद्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराना रहा।
बैठक के दौरान सभी विद्यालय संचालकों एवं प्राचार्यों को मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस अधिनियम एवं उसके अंतर्गत निर्मित नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि सभी निजी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए ही अपने संस्थानों का संचालन करें।

मुख्य रूप से यह निर्देश दिए गए कि किसी भी अभिभावक या छात्र-छात्रा को किसी विशेष दुकान से पाठ्य-पुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए विवश न किया जाए। विद्यालयों को यह भी निर्देशित किया गया कि शुल्क संबंधी समस्त जानकारी निर्धारित समय-सीमा में विभागीय पोर्टल एवं विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं से ली जाने वाली फीस का विधिवत लेखा-जोखा रखने, निर्धारित प्रारूप में अभिलेखों का संधारण करने तथा मांग किए जाने पर संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान उपस्थित विद्यालय संचालकों एवं प्राचार्यों द्वारा अपनी समस्याएं, सुझाव एवं विभिन्न बिंदुओं पर तथ्य प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों द्वारा इन सभी विषयों को गंभीरता से सुना गया तथा मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया गया। शेष मामलों के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में विकासखंड स्रोत समन्वयक श्री आर.डी. अहिरवार सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से निजी विद्यालयों को नियमों के प्रति सजग करते हुए अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।