बीना। बीना रिफाइनरी के निषिद्ध क्षेत्र में प्लांट लगाकर कार्य कर रही वीआरसी कंपनी द्वारा अपनी सुविधा के लिए रिफाइनरी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर अवैध रूप से दो ऊंचे स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। करीब 9 इंच से अधिक ऊंचे इन ब्रेकरों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ब्रेकरों से आए दिन वाहनों के नीचे लगने और दुर्घटना की आशंका बढ़ने पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
शनिवार को रिफाइनरी मार्ग से आने-जाने वाले लोग बड़ी संख्या में वीआरसी कंपनी के कार्यालय पहुंचे और ब्रेकरों को लेकर कड़ा विरोध जताया। लोगों का कहना था कि मुख्य सड़क पर बिना किसी अनुमति के इतने ऊंचे ब्रेकर बनाना नियमों के खिलाफ है और इससे न सिर्फ आम नागरिक बल्कि रिफाइनरी में काम करने वाले कर्मचारियों और भारी वाहनों को भी परेशानी हो रही है।

विरोध के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि ब्रेकर पुलिस से अनुमति लेकर बनाए गए हैं। हालांकि जब इस संबंध में बीना थाना प्रभारी (टीआई) नितिन पाल से बात की गई तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और कंपनी द्वारा कही जा रही बात पूरी तरह गलत है। टीआई ने स्पष्ट किया कि न तो पुलिस से कोई अनुमति ली गई थी और न ही ब्रेकर बनाने की जानकारी पुलिस को दी गई थी।
पुलिस द्वारा अनुमति से इनकार किए जाने और लोगों के बढ़ते विरोध के बाद वीआरसी कंपनी के अधिकारियों को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए कंपनी ने दोनों अवैध ब्रेकरों को तुड़वा दिया और सड़क से मलबा हटवाया, जिससे आवागमन सामान्य हो सका।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी कंपनी या संस्था द्वारा अपनी सुविधा के लिए सार्वजनिक मार्गों के साथ खिलवाड़ न किया जा सके। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक सड़क पर किसी भी तरह का निर्माण नियम विरुद्ध है और दोबारा ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।