राहतगढ़, सुरखी विधानसभा क्षेत्र | शनिवार को सुरखी विधानसभा के राहतगढ़ में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बंद करने और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण लगभग 30 लोगों की मौत के विरोध में भाजपा के खिलाफ पुलिस चौकी के पास एक दिवसीय धरना एवं उपवास किया।
धरने और उपवास में जिले के सह प्रभारी मनोज कपूर, ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा, नीरज शर्मा, राजकुमार धनोरा, गोलू राय, भाई लालमिया, राजू पटेल, पुष्पेंद्र मीणा पार्षद, जगदीश लोधी, बंटी चौबे, सलाम कुरैशी, अनिल ताम्रकार और राजू अहिरवार सहित सुरखी, सिहोरा, जैसीनगर, बीना और खुरई के ब्लॉक अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस अवसर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को बंद करना ग्रामीण जनता के हित के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता की आवाज़ नहीं सुनी गई, तो आगामी दिनों में और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथ में प्लेकार्ड और बैनर लेकर जनता को जागरूक किया और कहा कि इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतें सरकार की उपेक्षा का परिणाम हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस मुद्दे पर तत्काल न्याय और राहत की मांग की।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि यह धरना एवं उपवास केवल चेतावनी स्वरूप है और सरकार की नीतियों में सुधार न होने तक इस तरह के विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे।