सागर में किन्नर समाज के बीच चल रहे आपसी विवाद को लेकर सोमवार को शहर के ‘रंग महल’ में किन्नर पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग शामिल होने पहुंचे। पंचायत में लंबे समय से चले आ रहे विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सभी किन्नर रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
अनैतिक गतिविधियों से शुरू हुआ विवाद
किन्नर समाज की गुरु किरण बाई ने पंचायत में अपनी बात रखते हुए बताया कि गुरु कमलाबाई के निधन के बाद से वे पिछले सात वर्षों से गुरु-शिष्य परंपरा के अनुसार गादी पर आसीन हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो से तीन वर्ष पहले रानी ठाकुर को अपनी शिष्या बनाया था और अपने साथ रखा था। गुरु होने के नाते उन्होंने अपने सभी दायित्वों का पालन किया।

किरण बाई का आरोप है कि रानी ठाकुर के कुछ क्रियाकलाप और अनैतिक गतिविधियों के कारण समाज में विवाद की स्थिति बनी। कई बार समझाने और रोकने के बावजूद रानी ठाकुर अपने व्यवहार से बाज नहीं आई, जिसके चलते उन्हें समाज से अलग किया गया।
धर्म परिवर्तन के आरोपों को बताया मनगढ़ंत
किन्नर समाज की ओर से एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रानी ठाकुर द्वारा सागर के किन्नर समाज पर धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। समाज का कहना है कि रानी ठाकुर लगातार झूठी शिकायतें कर रही है, जिससे किन्नर समाज की छवि खराब हो रही है और आपसी तनाव बढ़ रहा है।

समाज के लोगों ने कहा कि किन्नर समाज हमेशा से अपनी परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं के साथ जीवन जीता आया है और धर्म परिवर्तन जैसे आरोप पूरी तरह गलत हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
एसपी कार्यालय पहुंचकर किन्नर समाज ने पुलिस से मांग की कि रानी ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी समाज की छवि को धूमिल न कर सके।
किन्नर समाज ने यह भी कहा कि वे कानून और प्रशासन पर भरोसा रखते हैं और चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए, जिससे समाज में फैले भ्रम और तनाव की स्थिति समाप्त हो सके।