किश्तवाड़ मुठभेड़ में शहीद हुए हवलदार गजेंद्र सिंह, जंगलों में आतंकियों की तलाश जारी !

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। रविवार को हुई मुठभेड़ में घायल हुए एक जवान ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शहीद जवान की पहचान हवलदार गजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। उनकी शहादत से पूरे सुरक्षा बलों में शोक की लहर है।

दरअसल, किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में रविवार को सेना ने ऑपरेशन ‘त्राशी-1’ शुरू किया था। इसी दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में कुल 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की हालत गंभीर थी। सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

दूसरे दिन भी जारी है सर्च ऑपरेशन

अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2 से 3 आतंकी छिपे होने की आशंका है। इन्हें पकड़ने के लिए सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। दुर्गम इलाकों में ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से तलाशी ली जा रही है, ताकि आतंकियों को जल्द से जल्द घेरा जा सके।

पाकिस्तानी गुब्बारा मिलने से बढ़ी सतर्कता

इसी बीच जम्मू के खौर सेक्टर अंतर्गत पुलिस पोस्ट पल्लनवाला क्षेत्र के गांव कचरियाल में सोमवार को एक खुले मैदान से पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा मिला। सफेद और हरे रंग के इस गुब्बारे पर ‘PIA’ यानी पाकिस्तानी इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा हुआ था। स्थानीय लोगों ने इसे देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच के बाद गुब्बारे को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस पोस्ट पल्लनवाला को सौंप दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को भी गंभीरता से जांच रही हैं।

जनवरी में तीसरी मुठभेड़

गौरतलब है कि जनवरी महीने में जम्मू क्षेत्र में यह आतंकियों के साथ तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 जनवरी और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर इलाके के कहोग और नजोत जंगलों में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। वहीं, 16 दिसंबर को उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास हुए एनकाउंटर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक जवान शहीद हो गए थे।

सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि आतंकियों के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरे इलाके को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता।

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