खुरई नगर का करीब 34 एकड़ में फैला बड़ा तालाब इन दिनों पूरी तरह पानी से भरा हुआ है। लगातार पर्याप्त जलभराव के चलते तालाब का जलस्तर घट नहीं रहा है। इस तालाब में नगर के कई नाले आकर मिलते हैं, जिनके कारण पानी का स्तर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पूर्व में इन नालों को डायवर्ट कर दिया गया था, ताकि गंदा पानी तालाब में न पहुंचे। हालांकि लगभग दो वर्ष पहले हुई तेज बारिश के दौरान तालाब का पानी बढ़कर आसपास की बस्तियों में भरने लगा था। उस समय स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नालों का डायवर्सन खोल दिया गया था, जिससे जलभराव से राहत मिली। अब हालात सामान्य होने के बाद नगर पालिका द्वारा नालों का डायवर्सन दोबारा करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में तालाब का पानी और अधिक प्रदूषित न हो।

वर्तमान में नगर पालिका द्वारा तालाब में फैली जलकुंभी की व्यापक सफाई कराई गई है। इसके बावजूद तालाब का पानी पूरी तरह प्रदूषित बताया जा रहा है। जांच में पानी का पीएच मान और टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया गया है, जो मानव उपयोग के लिए हानिकारक है। इसी को देखते हुए नगर पालिका पहले ही तालाब के पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुकी है। कुछ समय पूर्व लोगों को जागरूक करने के लिए तालाब किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे।
नगर पालिका के अनुसार आगामी समय में तालाब के पानी को साफ करने की भी योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे तालाब का पानी साफ और पारदर्शी नजर आएगा। योजना पूरी होने के बाद तालाब के अंदर का दृश्य भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा।
नगरवासियों का कहना है कि बड़ा तालाब खुरई की पहचान और जलस्रोत दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि नालों का सही तरीके से डायवर्सन और जल शुद्धिकरण किया जाए, तो न केवल पर्यावरण सुधरेगा बल्कि भविष्य में जल संकट से भी राहत मिल सकेगी। फिलहाल सभी की निगाहें नगर पालिका की आगामी कार्रवाई और योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।