सागर: कृषि उपज मंडी में मक्का की आवक लगातार बनी हुई है। हालांकि, बीते दो माह की तुलना में अब आवक में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद मक्का के भाव में हल्की तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मंडी में करीब 15 हजार क्विंटल मक्का की आवक हुई, जिसकी बोली 1725 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। इससे मक्का का औसत भाव अब 1700 रुपये प्रति क्विंटल के पार चला गया है।
व्यापारियों के अनुसार मंडी में मक्का की आवक कम होने का मुख्य कारण किसानों के पास रखा पुराना स्टॉक लगभग खत्म होना है। वहीं दिसंबर और जनवरी में जिन किसानों ने मक्का की थ्रेसिंग करवाई है, वे अब उपज बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। इसी वजह से आवक पूरी तरह बंद नहीं हुई है और नियमित रूप से मक्का की बिक्री हो रही है।

शुरुआत में किसानों को उम्मीद थी कि मक्का के भाव 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं, लेकिन बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं आने के कारण अब किसान बिना ज्यादा इंतजार किए मक्का बेचने का निर्णय ले रहे हैं। किसान पर्वत सिंह ने बताया कि फिलहाल मक्का का स्टॉक कर रखना लाभकारी नहीं लग रहा है, क्योंकि आने वाले दिनों में भाव में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाई दे रही है।
मंडी में मक्का के साथ-साथ गेहूं की आवक भी जारी है, हालांकि गेहूं के भाव में कोई खास बदलाव नहीं आया है। सोमवार को मंडी में करीब 400 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसकी बोली 2550 रुपये प्रति क्विंटल पर ही लगी। किसानों को उम्मीद थी कि नए गेहूं की आवक शुरू होने से पहले इसके दामों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन भाव स्थिर रहने के कारण किसान मौजूदा दरों पर ही गेहूं बेचने को मजबूर हैं।
कुल मिलाकर कृषि उपज मंडी में मक्का और गेहूं दोनों की आवक जारी है। जहां मक्का के भाव में हल्की मजबूती नजर आ रही है, वहीं गेहूं के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। किसानों की नजर अब आने वाले दिनों में बाजार के रुख पर टिकी हुई है।