भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं, बल्कि हिंदुत्व की राजनीति के साथ खड़ी है। उनका कहना है कि हिंदुत्व धर्म नहीं है, बल्कि एक पहचान है, और भाजपा लोगों को इस पहचान के जरिए भ्रमित कर रही है।
भाजपा-आरएसएस पर आरोप
दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर साझा किए गए वीडियो में कहा,
“भाजपा और RSS का हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ये केवल लोगों को डराते हैं – हिंदुओं को कहते हैं एक हो जाओ, मुसलमानों को कहते हैं कि हिंदुओं से बचो। दोनों मिलकर खेल खेलते हैं, लेकिन वास्तव में न हिंदुओं को खतरा है न मुसलमानों को।”

उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक पहचान के नाम पर मोहल्लों का विभाजन हो रहा है। “सावरकर और जिन्ना ने देश का बंटवारा कराया, अब मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। कई जगह मुसलमानों और हिंदुओं ने अपने-अपने मोहल्ले बना लिए हैं।”
सनातन धर्म और हिंदू शब्द पर विचार
पूर्व सीएम ने हिंदू शब्द का इतिहास बताते हुए कहा कि यह वैदिक शब्द नहीं, बल्कि फारसी मूल का शब्द है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा धर्म सनातन धर्म है, जिसका कोई अंत नहीं। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म में अद्वैत वेदांत और आदि शंकराचार्य की शिक्षाएं शामिल हैं। नर ही नारायण है, हमें कहीं जाने की जरूरत नहीं।”
आस्था और मणिकर्णिका घाट का मुद्दा
दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व की राजनीति पर आस्था के सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“हमारी आस्था का प्रतीक मणिकर्णिका घाट तोड़ा गया। मां अहिल्या ने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया, उनकी प्रतिमा और महल तोड़ दिए गए। अगर भाजपा और RSS सनातन धर्म के साथी होते, तो ऐसा नहीं होता।”