शंकराचार्य अपमान के विरोध में हंगामा !

Spread the love

छतरपुर शहर के छत्रसाल चौक पर मंगलवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य के कथित अपमान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

डाकखाना चौराहे से छत्रसाल चौक तक प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस के बैनर तले कार्यकर्ता पहले डाकखाना चौराहे पर एकत्रित हुए। वहां से वे छत्रसाल चौक की ओर बढ़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध जताया। कार्यकर्ताओं के हाथों में पुतला था, जिसे वे चौक पर फूंकना चाहते थे।

पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से झड़प

प्रदर्शन की सूचना पहले से होने के चलते मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच पुतले को लेकर छीना-झपटी और धक्का-मुक्की हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मी अधजला पुतला छीनकर वहां से भागते नजर आए।

वॉटर कैनन का किया गया इस्तेमाल

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। ठंड के मौसम में अचानक पानी की बौछार से यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरी तरह भीग गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। चौक पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कांग्रेस का आरोप—देश बर्दाश्त नहीं करेगा अपमान

प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शंकराचार्य जैसे धर्मगुरुओं का अपमान कर रही है, जिसे देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक धर्मगुरु का नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और आस्था का अपमान है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं नहीं रुकीं, तो कांग्रेस और यूथ कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेंगी।

पुलिस बल रहा मुस्तैद

प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया, जिसके बाद यातायात और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी।

यह प्रदर्शन एक बार फिर दिखाता है कि धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक तापमान कितना तेजी से बढ़ रहा है, वहीं प्रशासन को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती का सहारा लेना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *