कांग्रेस प्रदर्शन में बालकनी से पिस्टल दिखाने का आरोप !

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जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह रैली उसी क्षेत्र से पूर्व भाजपा विधायक रहे अंचल सोनकर के घर के सामने से गुजरी, जहां अचानक एक विवाद ने तूल पकड़ लिया।

बालकनी से पिस्टल दिखाने का आरोप

रैली जैसे ही अंचल सोनकर के निवास के सामने पहुंची, तभी उनके बेटे सुशांत उर्फ राजा सोनकर बालकनी में नजर आए। आरोप है कि राजा सोनकर ने बालकनी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर पिस्टल दिखाकर मारने का इशारा किया। वहीं, घर की एक महिला सदस्य द्वारा चप्पल दिखाने का भी वीडियो सामने आया है।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण रैली के दौरान इस तरह हथियार दिखाना गंभीर अपराध है और इससे कार्यकर्ताओं की जान को खतरा हुआ। कांग्रेस ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने मांगी लिखित शिकायत

मामले पर एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विधिवत लिखित शिकायत मांगी गई है। उन्होंने कहा,
“हमें वीडियो की जानकारी मिली है। कांग्रेस पक्ष से आवेदन मिलने के बाद थाना प्रभारी को प्रकरण सौंपा जाएगा। वीडियो की पुष्टि कर आवश्यक धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

राजा सोनकर की सफाई—पिस्टल नहीं, खिलौना था

मामला बढ़ने के बाद पूर्व विधायक अंचल सोनकर के बेटे सुशांत उर्फ राजा सोनकर ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने एसपी को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि वे एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और इसी वजह से उनकी तथा उनके परिवार की छवि खराब करने की साजिश की जा रही है।

राजा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ता उनके घर के सामने रैली निकालते समय उनके, उनके पिता और भाजपा के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और गालियां दे रहे थे। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।

बच्चे की खिलौना बंदूक बताई

राजा सोनकर ने स्पष्ट किया कि जिस पिस्टल को असली बताया जा रहा है, वह दरअसल उनके बच्चे की खिलौना बंदूक थी। उन्होंने कहा,
“मैं अपने बच्चे के साथ खेल रहा था। उसी दौरान रैली घर की ओर बढ़ती दिखी। भीड़ को रोकने के लिए मैं खिलौना बंदूक लेकर बालकनी में आया। इसे असली हथियार बताकर अफवाह फैलाई जा रही है और मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश हो रही है।”

दोनों पक्षों से शिकायत, जांच के संकेत

फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, शिकायत पत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दिखाई गई पिस्टल असली थी या खिलौना और क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।

इस घटना ने जबलपुर की सियासत को और गरमा दिया है और एक बार फिर कानून व्यवस्था तथा राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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