सागर।
भारतीय मजदूर संघ के तत्वावधान में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और जिला अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में हुई चाकूबाजी की घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया। कर्मचारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है।
यह ज्ञापन बीएमसी परिसर में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी अमोल यादव पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में सौंपा गया। मजदूर संघ ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं संस्थान संरक्षण अधिनियम (मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट) के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
अस्पताल परिसर में घटना निंदनीय और चिंताजनक
भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष जगदीश जारोलिया ने कहा कि शासकीय अस्पताल जैसे अत्यंत संवेदनशील परिसर में इस तरह की घटना निंदनीय, भयावह और अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी संदेह उत्पन्न करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर और उसके आसपास असामाजिक व आपराधिक तत्व निर्भीक होकर सक्रिय हैं, जिससे मरीजों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की जान को लगातार खतरा बना हुआ है।

गोपालगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप
जिला अध्यक्ष ने गोपालगंज पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस यदि समय पर मौके पर पहुंचती, तो सुरक्षा गार्ड पर हुआ आत्मघाती हमला रोका जा सकता था। इससे पुलिस की लचर व्यवस्था और लापरवाही साफ तौर पर उजागर होती है।

अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने ज्ञापन के माध्यम से बीएमसी और जिला अस्पताल परिसर के सामने स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग भी की है। संघ का कहना है कि इससे अस्पताल परिसर में अपराधों पर लगाम लगेगी और कर्मचारियों व मरीजों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मजदूर संघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। संघ ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग उठाई।