सागर जिले के जैसीनगर वन परिक्षेत्र के तहत बिजौरा बीट में मंगलवार को भीषण आग लग गई। यह आग जेरा रोड स्थित ठाकुर बाबा मंदिर के पास जंगल में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग से लगभग ढाई एकड़ वन क्षेत्र जलकर खाक हो गया, हालांकि सागौन के बेशकीमती पेड़ों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

घटना के समय आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जंगल से उठते धुएं को देखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के चौकीदार मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
किसान नरेंद्र डब्बू आठिया ने बताया कि वह और अन्य किसान रामकिशन विश्वकर्मा, वन चौकीदार अमर प्रजापति, वीरेंद्र पांडे और अन्य लोगों ने मिलकर आग बुझाने का काम किया। उन्होंने बताया कि हवा चलने के कारण आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन सूखे पत्तों को हटाकर और झाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। नरेंद्र ने कहा कि यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो जंगल को भारी नुकसान हो सकता था।
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा जलती बीड़ी फेंकने से यह घटना हुई हो सकती है। वन विभाग ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आग से जंगल में लगे छोटे पेड़-पौधे जल गए हैं, लेकिन सागौन के बड़े और बेशकीमती पेड़ों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने किसानों और वन चौकीदारों के सहयोग की सराहना की और कहा कि उनकी तत्परता से बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में आग लगने की संभावनाओं और उनसे निपटने के लिए तैयारियों की आवश्यकता को उजागर किया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने या जलती हुई वस्तुएं फेंकने से बचें, क्योंकि इससे वन संपदा को भारी नुकसान हो सकता है।
इस मामले में आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, और वन विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने का संकल्प लिया है।