नई दिल्ली। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में नीति निर्धारण और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में लेजिस्लेटर्स: एक्सेलेरेटिंग इंडिया ग्रोथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सागर लोकसभा सांसद लता वानखेड़े ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला में देश के 18 राज्यों से आए 63 सांसदों और विधायकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आर्थिक विकास, सुशासन, आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक समावेशन और भविष्य की नीतियों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

सुशासन और आत्मनिर्भर भारत पर हुआ मंथन
कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में विकास, पारदर्शिता और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सांसद लता वानखेड़े ने रखे विचार
सागर सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल एक सपना नहीं, बल्कि स्पष्ट रोडमैप के साथ आगे बढ़ने का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देना होगा।

नीति निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम
कार्यशाला में इस बात पर भी सहमति बनी कि संसद और विधानसभाओं के माध्यम से ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो स्थायी विकास, नवाचार और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दें। साथ ही राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय को भी विकसित भारत की बुनियाद बताया गया।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागी जनप्रतिनिधियों ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।