भांडेर न्यायालय ने शादी से पहले 20 लाख की मांग कर रिश्ता तोड़ने वाले चारों को दोषी ठहराया
भांडेर (दतिया)। भांडेर न्यायालय ने दहेज प्रताड़ना के गंभीर मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के सब-इंस्पेक्टर (SI) इंद्रकुमार राजपूत और उनके माता-पिता व चाचा को 1-1 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने चारों दोषियों पर 1-1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सरकारी वकील प्रेम प्रकाश दुनरेया ने बताया कि भांडेर निवासी फरियादी ने अपनी बेटी का रिश्ता यूपी के चिरगांव निवासी शुगर सिंह राजपूत के बेटे इंद्रकुमार से तय किया था। इंद्रकुमार वर्तमान में आगरा में यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। 16 जुलाई 2021 को भांडेर के एक निजी मैरिज हॉल में रिंग सेरेमनी हुई थी, जिसमें लड़की पक्ष ने 4 लाख रुपए नकद और 20 हजार रुपए की सोने की अंगूठी दी थी।
अतिरिक्त मांग और शादी तोड़ना
शादी 18 फरवरी 2022 को तय थी और मैरिज गार्डन भी बुक हो चुका था। लेकिन 16 दिसंबर 2021 को आरोपियों ने 20 लाख रुपए नकद की अतिरिक्त मांग रख दी। जब लड़की पक्ष ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने शादी तोड़ दी। पीड़ित पक्ष ने पंचायत कर समझौते के कई प्रयास किए, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
पुलिस में दर्ज मामला
बात न बनने पर 7 जनवरी 2022 को भांडेर पुलिस ने दूल्हा इंद्रकुमार, पिता शुगर सिंह, मां पार्वती और चाचा भगवान सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद चालान अदालत में पेश किया।
अदालत का फैसला

भांडेर की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीकृष्ण बुखारीया ने सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया और 1-1 साल के सश्रम कारावास के साथ जुर्माना लगाने का आदेश सुनाया।
सामाजिक संदेश
इस सजा के जरिए अदालत ने दहेज प्रताड़ना जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसले समाज में जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में मदद करेंगे।