गायत्री शक्ति पीठ पर दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने की विश्व कल्याण की प्रार्थना
बीना। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मातृ शक्ति अखंड दीप जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। इसी क्रम में गायत्री शक्ति पीठ पर दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। यह आयोजन गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्म दिवस और माता भगवती देवी शर्मा की पावन जन्म शताब्दी को समर्पित था।
अखंड दीप का महत्व
शक्ति पीठ के सदस्यों ने बताया कि अखंड दीप केवल एक ज्योति नहीं, बल्कि यह सद्बुद्धि, संस्कार, आत्मजागरण और विश्व कल्याण की सतत प्रेरणा का प्रतीक है। शताब्दी वर्ष के अंतर्गत पूरे देश में विशेष साधना, यज्ञ और संस्कार कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा

बीना में अखंड जप का आयोजन सुबह 5 बजे से आरंभ होकर अगले दिन शुक्रवार 5 बजे तक चला। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से गायत्री महामंत्र जप किया।
इस अवसर पर वसंत पंचमी के दिन श्रद्धालुओं ने:
- मां सरस्वती पूजन
- वाद्य यंत्रों का पूजन
- मयूर पूजन
- वसंत पूजन
के साथ 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में भाग लिया।
श्रद्धालुओं की भागीदारी
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और परिजन शामिल हुए, जिन्होंने आहुति देकर विश्व शांति, सद्बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इसके अलावा अन्य धार्मिक अनुष्ठान और साधनाएँ भी संपन्न हुईं।
आयोजन का संदेश
शक्ति पीठ के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं और व्यक्ति के जीवन में धार्मिक आस्था, सद्भावना और संस्कृति की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।