सागर। भारतीय संविधान के 77वें वर्षगांठ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर युवा विचारक और भाजपा कार्यकर्ता अविराज भूपेन्द्र सिंह ने कार्यकर्ताओं और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिवस केवल ऐतिहासिक महत्व का नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक संघर्षों का जीवंत प्रतीक भी है।
युवाओं की भूमिका
अविराज सिंह ने कहा कि युवाओं का योगदान लोकतंत्र की रक्षा में सर्वोपरि है। युवा देश के भविष्य निर्माता हैं। उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाकर लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीति और सामाजिक मुद्दों में सक्रिय भाग लें और तकनीकी ज्ञान तथा आधुनिक सोच के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण करें।
संविधान और गणतंत्र दिवस का महत्व
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ भारत ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय एकीकरण और स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है। अविराज सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की नींव रखी।

शिक्षा, नैतिकता और युवाओं का कर्तव्य
अविराज सिंह ने बाबासाहेब आंबेडकर, अटल बिहारी वाजपेयी, चाणक्य और महर्षि अरविंद के हवाले से युवाओं के शिक्षित और अनुशासित होने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नैतिकता और चरित्रहीनता के बिना कोई योजना सफल नहीं हो सकती, और युवा ही लोकतंत्र के असली रक्षक हैं।
भारत की प्रगति और आर्थिक उपलब्धियां
उन्होंने बताया कि 1950 में भारत की GDP लगभग 5 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब 2025 तक बढ़कर 350 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। प्रति व्यक्ति आय 265 रुपये से बढ़कर लगभग 2.5 लाख रुपये हो गई है। गरीबी 65 प्रतिशत से घटकर 3-5 प्रतिशत तक आई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
अविराज सिंह ने कहा कि 1951 में साक्षरता दर केवल 18.33 प्रतिशत थी, जो अब 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में औसत जीवन प्रत्याशा 32-36 वर्ष से बढ़कर लगभग 70 वर्ष हो गई है।

नारी सशक्तिकरण और लोकतंत्र
उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिला है, जिससे उनका राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ेगी। आज बेटियां सैन्य, अंतरिक्ष और संसद में नेतृत्व कर रही हैं।
2026 गणतंत्र दिवस परेड की थीम
अविराज सिंह ने बताया कि इस वर्ष की परेड का केंद्रीय विषय “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” है। यह विषय राष्ट्रीय गीत और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी प्रेरक भूमिका को उजागर करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान के मूल्यों को अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
समकालीन संदेश
अविराज सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि चुनौतियों का सामना करने का संकल्प भी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे आत्मनिर्भर भारत और सशक्त लोकतंत्र के लिए अपनी ऊर्जा और कौशल का प्रयोग करें, ताकि 2047 तक भारत विश्व के लिए आदर्श गणतंत्र बन सके।