महू, इंदौर (मध्य प्रदेश): महू में रविवार रात हुए विवाद के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। 9 मार्च को भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले गए क्रिकेट मैच के बाद महू में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था, जिसके चलते उत्पातियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़, आगजनी, और पत्थरबाजी की। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में सेना के जवानों को भी मोर्चा संभालने के लिए बुलाया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आगामी होली के त्यौहार के लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां धार्मिक स्थल और विवाद के केंद्र बिंदु रहे थे।

महू में होली के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई सुरक्षा उपाय किए हैं। 21 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारी है, और इन स्थानों के आसपास पुलिस की तगड़ी तैनाती की जाएगी। खासतौर पर मस्जिदों के पास पुलिस अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया है कि यदि होली के रंगों से किसी को दिक्कत हो तो वे मस्जिदों को प्लास्टिक से ढक सकते हैं। इससे रंगों का असर मस्जिदों पर नहीं पड़ेगा।
पुलिस फोर्स की तैनाती को लेकर इंदौर और महू में विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की फिक्स ड्यूटी रहेगी और ड्रोन के जरिए निगरानी भी की जाएगी। गुरुवार शाम से पुलिस की तैनाती शुरू हो जाएगी, और 175 पुलिस पेट्रोलिंग मोबाइल्स की मदद से शहर के हर कोने में पेट्रोलिंग की जाएगी। पुलिस के आला अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 90% पुलिस बल मैदान में रहेगा, जबकि सिर्फ 10% पुलिस बल थानों की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए रहेगा।
इंदौर और महू में पुलिस ने पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी है। बुधवार रात को इंदौर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य जवानों ने भी हिस्सा लिया। ड्रोन निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी असामाजिक तत्व के द्वारा कोई अव्यवस्था न फैलने पाए। ड्रोन से न केवल प्रमुख इलाकों पर निगरानी रखी जाएगी, बल्कि घरों की छतों पर भी हरकतों पर निगरानी रखी जाएगी।
एएसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि महू में 3 ड्रोन और इंदौर में 2 ड्रोन की तैनाती की जाएगी ताकि हर संवेदनशील जगह पर नजर रखी जा सके।

महू में जहां पर विवाद हुआ था, वहां पुलिस का फिक्स पॉइंट रखा जाएगा। 200 से अधिक पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की एक टुकड़ी भी महू के संवेदनशील इलाकों में तैनात की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अगर किसी भी असामाजिक तत्व ने होली के मौके पर उपद्रव करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होली और रंग पंचमी के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट) की ड्यूटी भी तय की गई है। इन एसडीएम अधिकारियों का काम पुलिस के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखना और किसी भी प्रकार के अव्यवस्था की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना होगा।
सांसद, विधायक और अन्य अधिकारी पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
महू में विवाद वाले स्थानों और इंदौर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फिक्स पॉइंट्स बनाए हैं। यहां लगातार पुलिस की तैनाती रहेगी। साथ ही, सैन्य बल और आरएएफ की टुकड़ियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा।

महू और इंदौर के मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से भी पुलिस ने संपर्क किया है। महू के शहरकाजी और जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद जाबिर से बात की गई थी, हालांकि उनका मोबाइल बंद था। इंदौर के शहर काजी डॉ. इशरत अली ने बयान दिया कि नमाज के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है और होली के रंगों को लेकर मस्जिदों को ढकने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि यह मुद्दा अनावश्यक रूप से उठाया गया है, क्योंकि इंदौर में हमेशा से भाईचारा बना रहा है।
महू और इंदौर में होली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने इस मौके पर संवेदनशील इलाकों पर पूरी निगरानी रखने की योजना बनाई है। ड्रोन से निगरानी, पुलिस पेट्रोलिंग, और फिक्स पॉइंट्स की तैनाती से प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस पर्व के दौरान शांति बनी रहे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महू की हाल की घटना को ध्यान में रखते हुए, इस बार होली का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।