सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े ने रविवार को छिंदवाड़ा स्थित अपने निवास पर पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए अपनी नई बहू का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर ‘हल्दी-कुमकुम’ की रस्म विधिवत रूप से संपन्न की गई, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली।
इस खास मौके पर परिवार की महिलाओं ने मंगल गीत गाए और शुभ मंगलकामनाओं के साथ नई बहू का अभिनंदन किया। लता वानखेड़े ने स्वयं हल्दी-कुमकुम लगाकर नई बहू को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया और सुख-समृद्धि की कामना की।

संस्कृति और परंपराएं परिवार को जोड़ती हैं – लता वानखेड़े
इस अवसर पर सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपराएं परिवार को प्रेम, सम्मान और एकता के सूत्र में बांधती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कार न केवल रिश्तों को मजबूत करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों से जोड़े रखने का कार्य करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी पारंपरिक रस्में हमें सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की याद दिलाती हैं। नई बहू का इस तरह से स्वागत करना परिवार में अपनत्व और आत्मीयता का भाव पैदा करता है।

पारिवारिक माहौल में सादगी और संस्कारों की झलक
कार्यक्रम पूरी तरह पारिवारिक और सादगीपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। इसमें परिवार के करीबी सदस्य और महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने नई बहू के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें परिवार में अपनाया।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए भी पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को निभाना भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत है।