पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं रेहली विधायक गोपाल भार्गव ने आज गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मेला रहस के 218वें वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इस मौके पर उन्होंने महाराजा मर्दन सिंह जू देव की स्मृति स्थल पर विधिवत पूजन-अर्चन कर ध्वजारोहण किया और मेला रहस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने कहा कि मेला रहस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह मेला पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं, लोकसंस्कृति और जनआस्था को संजोए हुए है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।

सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है मेला रहस
उन्होंने कहा कि महाराजा मर्दन सिंह जू देव ने जिस परंपरा की नींव रखी थी, वह आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है। मेला रहस क्षेत्र के लोगों को आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करता है। विधायक ने युवाओं से भी इस ऐतिहासिक विरासत को जानने, समझने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
जनसहभागिता से जीवंत रहता है आयोजन
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने महाराजा मर्दन सिंह जू देव को श्रद्धासुमन अर्पित किए और मेला रहस की निरंतरता एवं गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया।
गोपाल भार्गव ने अंत में कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही हमारी सांस्कृतिक धरोहरें जीवंत रहती हैं और आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचती हैं।