गणतंत्र दिवस समारोह के बाद मचा हड़कंप, बच्चों को निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती
बीना।
बीना विकासखंड के परसोरा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वितरित किए गए प्रसाद को खाने के बाद तीन मासूम बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को लगातार उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद परिजन और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें भानगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के समापन के बाद स्कूल में पढ़ने वाले 22 छात्रों सहित गांव के अन्य बच्चों को बूंदी और मुरमुरे का प्रसाद वितरित किया गया था। प्रसाद खाने के कुछ ही समय बाद 3 वर्षीय नंदिनी, 5 वर्षीय राहुल और शिशुपाल लोधी के पुत्र की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं।
एहतियातन बचा हुआ प्रसाद फिंकवाया
बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए बचा हुआ प्रसाद फिंकवा दिया, ताकि किसी अन्य बच्चे की तबीयत खराब न हो। इस त्वरित कदम से संभावित बड़ी घटना टल गई।
निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती

परिजनों ने बिना देरी किए तीनों बच्चों को भानगढ़ के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। बताया जा रहा है कि बीमार बच्चों में शामिल राहुल अपने पिता के साथ कोटा से गांव आया हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि जिन बच्चों ने सबसे पहले प्रसाद खा लिया था, उन्हीं की तबीयत पहले खराब हुई।
संकुल प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद भानगढ़ संकुल प्रभारी दीपचंद चौधरी की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि वे घटना के समय मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब उनसे मामले की जानकारी चाही गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की बात कही। उनके इस रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
बीआरसी ने दी स्थिति की जानकारी

इस मामले में बीना बीआरसी महेंद्र सिंह जाट ने बताया कि ग्राम पंचायत गुरयाना द्वारा स्कूलों में प्रसाद का वितरण कराया गया था। परसोरा गांव से बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलते ही जनपद शिक्षा केंद्र की टीम मौके पर भेजी गई। जांच के बाद पुष्टि हुई कि उपचार के पश्चात अब सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और किसी को भी गंभीर खतरा नहीं है।
फिलहाल घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है और प्रसाद की गुणवत्ता व वितरण व्यवस्था को लेकर संबंधित स्तर पर समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।