बनहट ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम सिंह ठाकुर ने बताया कि गांव में शराब की वजह से आए दिन परिवारों में झगड़े-विवाद होते रहते हैं। इसका सबसे बुरा असर घर के बच्चों पर पड़ रहा था, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा था। इसी को देखते हुए गांव को नशामुक्त करने की पहल की गई है।
ग्राम सभा में लिया गया कड़ा फैसला
गणतंत्र दिवस के मौके पर पीएम श्री एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में ग्राम सभा बुलाई गई थी। इस बैठक में मौजूद गांव की महिलाओं और पुरुषों ने एक सुर में शराबबंदी की मांग उठाई। सभी की सहमति के बाद प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गांव में शराब का सेवन और इसकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
पकड़े जाने पर देना होगा जुर्माना
शराबबंदी के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए जुर्माने की राशि भी तय कर दी गई है। अगर गांव में कोई व्यक्ति शराब पीता हुआ मिला, तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। वहीं, अगर कोई गांव में अवैध रूप से शराब बेचता पकड़ा गया, तो उसे 1100 रुपए जुर्माना भरना होगा।

सामूहिक रूप से ली गई शपथ
बैठक के अंत में गांव के सभी लोगों ने मिलकर सामूहिक शपथ ली। ग्रामीणों ने संकल्प जताया कि वे न तो खुद शराब का सेवन करेंगे और न ही गांव की सीमा के भीतर किसी को शराब बेचने देंगे। गांव वालों के इस फैसले की आसपास के क्षेत्रों में भी सराहना हो रही है।