सागर के मकरोनिया क्षेत्र स्थित दीनदयाल नगर में एक आवासीय मकान में मस्जिद संचालित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय रहवासियों की शिकायत के बाद मकरोनिया नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें आवासीय प्लॉट पर बिना अनुमति धार्मिक गतिविधि संचालित होने के प्रमाण मिलने का दावा किया गया है। नगर पालिका ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय और हाउसिंग बोर्ड को भेज दी है।
क्या है पूरा मामला
नगर पालिका के अनुसार, जिस प्लॉट पर मस्जिद संचालित हो रही है, वह हाउसिंग बोर्ड का आवासीय प्लॉट है। हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में दिए गए मकान और प्लॉट लीज पर होते हैं, जिनका स्वामित्व हाउसिंग बोर्ड के पास रहता है। लीज की शर्तों के तहत ऐसे प्लॉट का लैंड यूज बदलना या किसी धार्मिक संस्था अथवा वक्फ को दान करना नियमों के विरुद्ध है। इसके अलावा, किसी भी आवासीय क्षेत्र में धार्मिक गतिविधि संचालित करने के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य होती है, जो इस प्रकरण में नहीं ली गई बताई जा रही है।

नगर पालिका के उपयंत्री सत्यम देवलिया ने स्थल निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में लैंड यूज परिवर्तन और नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
विधायक का आरोप
मामले में स्थानीय विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि दीनदयाल नगर के रहवासियों ने उनसे शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों का उपयोग केवल आवासीय उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, लेकिन यहां नियमों के विरुद्ध मस्जिद का संचालन किया जा रहा था। विधायक का कहना है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यहां बाहर से लोग आते हैं और फंडिंग भी बाहर से होती है। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मस्जिद कमेटी का पक्ष
वहीं, मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष हाजी मो. फैय्याज उस्मानी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि 532 वर्गफीट का यह प्लॉट 6 दिसंबर 2007 को खरीदा गया था। ग्राम पंचायत और हाउसिंग बोर्ड से अनुमति लेकर निर्माण कराया गया और 1 अगस्त 2014 को इसे मस्जिद के लिए दान किया गया।
उस्मानी के अनुसार, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड, भोपाल ने जांच के बाद 27 जनवरी 2020 को मस्जिद का रजिस्ट्रेशन किया है। उन्होंने अवैध मस्जिद संचालन और बाहरी फंडिंग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि सभी गतिविधियां नियमों के दायरे में हैं। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर, नगर पालिका, हाउसिंग बोर्ड और विधायक को पत्र सौंपकर अपना पक्ष रखा है।

आगे क्या?
फिलहाल नगर पालिका की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर और हाउसिंग बोर्ड स्तर पर निर्णय लिया जाना है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लैंड यूज परिवर्तन, दान और धार्मिक गतिविधि संचालन नियमों के अनुरूप है या नहीं। मामले पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।