दीनदयाल नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक निजी आवास में संचालित हो रही कथित अनाधिकृत धार्मिक गतिविधियों को लेकर नरयावाली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने सख्त रुख अपनाया है। स्थानीय नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने कलेक्टर सागर और नगर पालिका परिषद मकरोनिया के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
निजी आवास में संचालित हो रही सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियां
विधायक द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि दीनदयाल नगर कॉलोनी में स्थित रोशन खान के निजी आवास में कथित रूप से सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह गतिविधियां बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के आवासीय क्षेत्र में की जा रही हैं, जिससे कॉलोनी का मूल रिहायशी स्वरूप प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि इन गतिविधियों के चलते बड़ी संख्या में बाहरी लोग कॉलोनी में आने लगे हैं, जिससे न सिर्फ शांति भंग हो रही है बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
रहवासियों की बढ़ती परेशानियां
विधायक प्रदीप लारिया ने अपने पत्र में क्षेत्रवासियों को हो रही व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने बताया कि—
- यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। धार्मिक गतिविधियों के दौरान सड़क किनारे और कॉलोनी के भीतर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से स्थानीय लोगों का पैदल चलना और रोजमर्रा की आवाजाही कठिन हो गई है।
- सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आवासीय इलाके में अचानक बाहरी व्यक्तियों की भीड़ बढ़ने से महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
- नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। रिहायशी क्षेत्र का उपयोग बिना अनुमति सार्वजनिक या धार्मिक कार्यों के लिए किया जाना नगर पालिका और हाउसिंग बोर्ड के नियमों के खिलाफ है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
विधायक लारिया ने पत्र के माध्यम से प्रशासन से अपेक्षा की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल एक जांच दल गठित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जनहित सर्वोपरि है और आवासीय क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और नियमों का पालन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
प्रशासनिक निर्णय का इंतजार
फिलहाल विधायक के पत्र के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों की नजर अब कलेक्टर और नगर पालिका द्वारा की जाने वाली जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। रहवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, जिससे कॉलोनी में सामान्य जनजीवन और शांति व्यवस्था बहाल हो सके।