सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव 26,859 रुपए बढ़कर 3,44,564 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 4,591 रुपए बढ़कर 1,58,901 रुपए हो गया है।
इस साल अब तक तेजी
- चांदी: 31 दिसंबर 2025 को 1 किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी। अब यह 3,44,564 रुपए हो गई है, यानी जनवरी के 27 दिन में 1,14,144 रुपए की बढ़त।
- सोना: 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था। अब यह 1,58,901 रुपए हो गया है, यानी जनवरी के 27 दिन में 25,706 रुपए महंगा।

सोने में तेजी के प्रमुख कारण
- वैश्विक तनाव और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्रीनलैंड कब्जे के इरादे और यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजार अस्थिर कर दिए। निवेशक शेयर बाजार छोड़कर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़े।
- रुपए की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपए का ऑल-टाइम लो 91.10 होने से अंतरराष्ट्रीय सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में महंगी हुई।
- सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी और कीमतें ऊपर गईं।
चांदी की तेजी के तीन कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) में भारी इस्तेमाल।
- ट्रंप का टैरिफ डर: अमेरिकी कंपनियों ने चांदी का स्टॉक जमा किया, जिससे वैश्विक सप्लाई कम हुई।
- मैन्युफैक्चरर्स की होड़: प्रोडक्शन रुकने का डर, सभी पहले से खरीद रहे हैं।
आगे की संभावनाएं
रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, यदि अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, तो सोना इस साल 10 ग्राम 1,90,000 रुपए तक जा सकता है। चांदी भी 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना है।
निवेशकों के लिए सावधानियां
सोना खरीदते समय:
- हमेशा BIS हॉलमार्केड सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें।
- सही वजन और दैनिक भाव को IBJA वेबसाइट या अन्य भरोसेमंद स्रोत से क्रॉस चेक करें।
चांदी की पहचान के चार तरीके:
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
- आइस टेस्ट: बर्फ तेज़ी से पिघलेगी।
- स्मेल टेस्ट: असली में गंध नहीं होती।
- क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े पर रगड़ने पर काला निशान आएगा।
भारतीय घरों में सोने का कलेक्शन
भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कीमत ₹450 लाख करोड़ है। यह देश की GDP (₹370 लाख करोड़) से भी ज्यादा है।