नई दिल्ली/ बॉलीवुड एक्ट्रेस और कांग्रेस की राज्यसभा सांसद जया बच्चन अक्सर अपने बेबाक अंदाज और सख्त मिजाज को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। चाहे संसद की कार्यवाही हो या सार्वजनिक कार्यक्रम, जया बच्चन अपनी दोटूक राय रखने से कभी पीछे नहीं हटतीं।
हाल ही में कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने ANI पॉडकास्ट में जया बच्चन की राजनीतिक शैली और अनुशासनप्रिय छवि पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जया बच्चन संसद में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करतीं। राजीव शुक्ला के अनुसार, “जया बच्चन मंत्रियों या चेयरमैन जगदीप धनखड़ को भी बिना झिझक टोक देती हैं और गलत बात के खिलाफ बेखौफ आवाज उठाती हैं। उनका संसद में उपस्थिति रिकॉर्ड भी काफी बेहतरीन है और वे नियमित रूप से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेती हैं।”

राजीव शुक्ला ने जया बच्चन की तुलना बॉलीवुड की अन्य हस्तियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों से भी की। उन्होंने कहा कि रेखा राजनीतिक रूप से उतनी सक्रिय नहीं रहीं। “रेखा हर सेशन में सिर्फ एक बार आती थीं। उनका कार्यकाल खत्म हुआ और वहीं उनकी राजनीतिक भूमिका भी समाप्त हो गई,” उन्होंने बताया।

इसके अलावा, राजीव ने यह भी कहा कि जया बच्चन और रेखा के अलावा सचिन तेंदुलकर ने सांसद बनने के बाद सरकारी आवास तक नहीं लिया, जबकि लता मंगेशकर ने सांसदों को मिलने वाली कई सुविधाओं से इंकार किया था, जिसमें MPLADS फंड और अन्य लाभ शामिल थे।

जया बच्चन का राजनीतिक सफर 2004 में समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के साथ शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने कई बार निर्वाचित होकर संसद में बहस और कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, रेखा ने 2012 में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, लेकिन उनकी भागीदारी सीमित और कम सक्रिय रही।
राजीव शुक्ला की टिप्पणियों ने जया बच्चन की बेबाकी और अनुशासनप्रिय छवि को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, जबकि रेखा की राजनीतिक भूमिका पर उनका विश्लेषण चर्चा का विषय बना।