छतरपुर जिले के नौगांव तहसील परिसर में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 के तहत जमानत के लिए लाए गए तीन आरोपियों में से एक पुलिस हिरासत से फरार हो गया। यह घटना तहसीलदार रमेश कौल की अदालत में जमानत प्रक्रिया के दौरान हुई, जिससे पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, अलीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीला में हुए आपसी विवाद के मामले में पुलिस ने करन पाल, शिवपाल यादव और बृजेंद्र यादव को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपियों को मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे जमानत के लिए नौगांव तहसील न्यायालय में पेश किया गया था। तहसील कार्यालय में जमानत की प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें दो आरोपियों के दस्तावेज पूरे हो चुके थे, जबकि तीसरा आरोपी पुलिस हिरासत में लघुशंका के लिए बाहर गया था।
इसी दौरान नौगांव थाना पुलिस को सूचना मिली कि फरार हुआ आरोपी किसी अन्य मामले में भी वांछित है। यह जानकारी मिलते ही नौगांव थाना पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से तत्काल तहसील परिसर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी ने मौके का फायदा उठाया और तहसील परिसर के बाईं ओर स्थित एक छोटे गेट से दौड़ते हुए फरार हो गया।
अलीपुरा थाना पुलिस ने मुख्य द्वार से आरोपी का पीछा किया, लेकिन वह भीड़ और परिसर की बनावट का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहा। देर रात तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया गया।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय तहसील कार्यालय में जमानत की नोटशीट तैयार की जा रही थी। बताया जा रहा है कि एक आरोपी की नोटशीट पर कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, जबकि दूसरे दस्तावेज पर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। शुरुआत में यह भी कहा गया कि तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हुए थे, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए दोनों दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने की बात सामने आई, जिससे स्थिति और अधिक भ्रमपूर्ण हो गई।
जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी के खिलाफ नौगांव थाने में पहले से ही एक मामला दर्ज था। इसी कारण नौगांव थाना पुलिस जमानत के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए तहसील परिसर पहुंची थी, लेकिन इससे पहले ही आरोपी फरार हो गया।
अधिकारियों के बयान

तहसीलदार रमेश कौल ने बताया कि उनकी अदालत में दो आरोपियों के इस्तगासा प्रस्तुत हुए थे, जिनकी जमानत की कार्रवाई की गई। तीसरे आरोपी के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, एसडीओपी नौगांव अमित मेश्राम ने कहा कि उन्हें तीनों आरोपियों की जमानत की सूचना प्राप्त हुई है। यदि कोई आरोपी फरार हुआ है, तो अलीपुरा थाना पुलिस से जानकारी लेकर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। वहीं, फरार आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।