दतिया जिले के भगुवापुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मलियापुरा में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के पास स्थित माइनर नहर में एक मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दिया। नहर में मगरमच्छ नजर आते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। आशंका जताई जाने लगी कि कहीं यह मगरमच्छ किसी पर हमला न कर दे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और भगुवापुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले ग्रामीणों को नहर से दूर रहने की सलाह दी और क्षेत्र को सुरक्षित किया। चूंकि इस समय माइनर नहर में नियमित रूप से पानी का प्रवाह नहीं हो रहा था, इसलिए ग्रामीणों की मदद से मोटर पंप लगाकर नहर का पानी खाली कराया गया।
पानी कम होने के बाद वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए मगरमच्छ के बच्चे को रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ के बच्चे को वन विभाग की टीम द्वारा सेवड़ा स्थित सिंध नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस लौट सके।
पहले भी मिल चुका है मगरमच्छ

भगुवापुरा थाना प्रभारी साकिर खान ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब तीन महीने पहले भी इसी क्षेत्र में मगरमच्छ का बच्चा मिला था, जिसे वन विभाग की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर नदी में छोड़ा गया था। लगातार इस तरह की घटनाओं से यह आशंका जताई जा रही है कि सिंध नदी और आसपास की नहरों में मगरमच्छों की संख्या बढ़ रही है।
ग्रामीणों में डर का माहौल
लगातार नहरों और नदी किनारे मगरमच्छ दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नहरों के आसपास बच्चे और मवेशी अक्सर जाते रहते हैं, ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नहरों और नदी किनारे नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, समय-समय पर गश्त कर मगरमच्छों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं भी मगरमच्छ या अन्य जंगली जानवर दिखाई दें, तो घबराएं नहीं और तुरंत विभाग या पुलिस को सूचना दें।