इंदौर – बुधवार को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पर रंगपंचमी के दौरान आयोजित होने वाली पारंपरिक गेर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक 45 वर्षीय युवक गेर में शामिल होकर एमजी रोड के पास एक टैंकर के नीचे आ गया, और टैंकर का पहिया उसके पेट से गुजर गया। उसे तड़पता देख स्थानीय लोगों ने उसे उठाकर नजदीक खड़ी एम्बुलेंस में बैठाया और उसे तुरंत एमवाय अस्पताल भेजा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस हादसे के कारण शहर में हलचल मच गई है, क्योंकि यह पहली बार था कि 75 साल पुरानी परंपरा के दौरान किसी की जान गई हो।

हादसा कैसे हुआ
घटना एमजी रोड पुलिस चौकी के पास की है। बुधवार को करीब 45 वर्षीय युवक गेर में शामिल होने के लिए राजवाड़ा क्षेत्र में आया था। गेर में लाखों लोग शामिल थे और खुशी का माहौल था, लेकिन इस उत्सव के बीच यह दुखद घटना घटित हो गई। युवक गेर में भीड़ के साथ चल रहा था, जब अचानक वह एक टैंकर की चपेट में आ गया। टैंकर का पहिया उसके पेट से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और वह मौके पर ही बेहोश हो गया।
घटना के बाद, आसपास के लोगों ने उसे तुरंत उठाया और नजदीक खड़ी एम्बुलेंस में डालकर एमवाय अस्पताल भेजा। अस्पताल पहुंचने पर उसकी हालत नाजुक थी और डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और युवक की पहचान करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।
मृतक की पहचान
हादसे के बाद, पुलिस ने अस्पताल में मृतक के कपड़ों की तलाशी ली, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र या मोबाइल नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान की जा सके। इस कारण पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से युवक की पहचान करने में जुटी है। सभी थानों की पुलिस ने मुखबिरों को भी तैनात किया है ताकि युवक के बारे में कोई जानकारी मिल सके।
पुलिस का दावा है कि गेर के दौरान लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए थे, और इस दौरान हुई भीड़-भाड़ और धक्का-मुक्की की वजह से हादसा हुआ। अब पुलिस की प्राथमिकता यह है कि मृतक की पहचान हो सके और हादसे के कारणों की जांच की जा सके। इसके अलावा, गेर के आयोजकों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मृतक के परिवार को मुआवजा
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतक को श्रद्धांजलि दी और गेर में शामिल होने का अपना कार्यक्रम निरस्त कर दिया। उन्होंने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की। यह एक ऐतिहासिक और दुखद घटना है, क्योंकि गेर के 75 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी व्यक्ति की जान इस तरह से गई हो।
गेर में अन्य हादसों की जानकारी
इस हादसे के अलावा, गेर के दौरान कुछ अन्य मामूली हादसों की भी खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि धक्का-मुक्की और घबराहट के कारण इस बार गेर में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इन घायलों में से एक, प्रवीण जोशी (23 वर्ष) निवासी मूसाखेड़ी को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, पांच अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

75 साल की परंपरा में पहली बार मौत
गेर के संचालक शेखर गिरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कहा, “यह रंग और उत्साह का पर्व है, और हमारी कोशिश हमेशा रहती है कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। 75 साल के इतिहास में यह पहली बार है कि गेर में किसी की मौत हुई हो। हम इस हादसे के कारणों का पता लगाकर इसे भविष्य में रोकने की कोशिश करेंगे।”
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में टैंकर के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है, और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह हादसा किस वजह से हुआ और क्या गेर के आयोजकों की कोई लापरवाही थी।

निष्कर्ष
इंदौर की रंगपंचमी गेर का यह हादसा न केवल शहरवासियों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक दुखद और चौंकाने वाली घटना है। गेर की 75 साल पुरानी परंपरा में किसी की मौत पहली बार हुई है, और इसे लेकर गेर आयोजक और पुलिस दोनों ही गंभीर हैं। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए सभी प्रयास किए हैं और उसके परिवार को मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इस हादसे के बाद, यह सवाल उठता है कि ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा के उपायों को और सख्त किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।