छतरपुर। जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बुधवार–गुरुवार की रात का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार सुबह 8:30 बजे रिकॉर्ड हुआ। इससे एक दिन पहले बुधवार को न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस था, यानी तापमान में 0.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में आई इस हल्की गिरावट के साथ ही ठंड का असर भी बढ़ गया है।
गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे मौसम में ठंडक बनी रही। बादलों के साथ जिले के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली, वहीं ठंडी हवाएं चलने से लोगों को ठिठुरन का अहसास हुआ।
दिन का तापमान भी रहा कम
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार सुबह तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों की मौजूदगी के कारण गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आर्द्रता 95 प्रतिशत और दृश्यता लगभग 1000 मीटर दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की वजह

मौसम विभाग ने बताया कि छतरपुर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुआ है। इसी कारण आसमान में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश हो रही है। विभाग के अनुसार, जैसे ही बादल छंटेंगे, तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा। आगामी दो दिनों तक हल्की बारिश के साथ ठंड बढ़ने के आसार बने हुए हैं।
फसलों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा हल्की बूंदाबांदी और बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इससे मिट्टी में नमी बढ़ेगी और फसलों को संजीवनी मिलेगी। हालांकि उन्होंने किसानों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि तेज हवाएं, भारी बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो इससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर किसानों को राहत मिली है, वहीं आमजन को ठंड बढ़ने के चलते गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।