छतरपुर/खजुराहो। विश्व धरोहर नगरी खजुराहो के समीप स्थित राजगढ़ गांव में पुराने सोने के सिक्के मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है। सिक्के मिलने के बाद ग्रामीणों में खासा उत्साह और कौतूहल देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि ये सिक्के करीब 500 साल पुराने हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इनकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
सड़क की मिट्टी से मिला पहला सिक्का
ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले गांव में सड़क निर्माण के लिए डाली गई मिट्टी में एक ग्रामीण को पहला सिक्का मिला था। इसके बाद यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि उसी मिट्टी से और भी सिक्के मिलने की बात सामने आई है।
7–8 ग्राम वजन होने का दावा
ग्रामीणों द्वारा मिले सिक्कों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में एक व्यक्ति के हाथ में सिक्का दिखाई दे रहा है, जिस पर किसी आकृति के चिन्ह बने हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का दावा है कि प्रत्येक सिक्के का वजन 7 से 8 ग्राम के बीच है और यह देखने में सोने जैसा प्रतीत होता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिक्के वास्तव में सोने के हैं या किसी अन्य धातु के।
बुंदेला राजवंश से जुड़े होने की आशंका
राजगढ़ गांव ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह गांव बुंदेला राजवंश के करीब 350 साल पुराने महल के लिए जाना जाता है। इसी महल के पास वर्तमान में ‘द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस होटल’ स्थित है, जिसके लिए आसपास की भूमि ओबेरॉय समूह को लीज पर दी गई थी। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि मिले सिक्के इसी ऐतिहासिक बुंदेला काल से जुड़े हो सकते हैं।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण, बढ़ी हलचल

सिक्के मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उस स्थान पर पहुंच गए, जहां मिट्टी डाली गई थी। कुछ लोग और सिक्के मिलने की उम्मीद में मिट्टी को खंगालते भी नजर आए। इससे किसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
पुलिस बोली—जांच कराई जाएगी
इस मामले में बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय ने बताया कि उन्हें फिलहाल इस संबंध में औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सिक्के सोने के हैं या तांबे के। मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को सूचित किया जाएगा।
पुरातत्व सर्वेक्षण की मांग
घटना के बाद इतिहास प्रेमियों और स्थानीय लोगों द्वारा सरकार और पुरातत्व विभाग से मांग की जा रही है कि इस स्थान का तत्काल पुरातत्व सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि यदि कोई ऐतिहासिक महत्व का खजाना या धरोहर मौजूद है, तो उसे सुरक्षित रखा जा सके और अवैध उत्खनन से बचाया जा सके।
फिलहाल सिक्कों को लेकर रहस्य बना हुआ है और जांच के बाद ही इनके इतिहास और वास्तविकता से पर्दा उठ पाएगा।