सागर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू और पारदर्शी आयोजन को लेकर गुरुवार को सागर कलेक्टर संदीप जी.आर. ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह, प्रश्नपत्र लीक या अनुचित सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
जिले में 142 परीक्षा केंद्र, 58 हजार से अधिक परीक्षार्थी
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने जानकारी दी कि सागर जिले में इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 142 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 58,880 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
इनमें—
- हाई स्कूल (10वीं) के 33,998 छात्र-छात्राएं
- हायर सेकेंडरी (12वीं) के 24,882 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मंडल के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक भी अपने मोबाइल फोन परीक्षा प्रारंभ होने से पहले केंद्र पर जमा कराएंगे।
जिला पंचायत सीईओ बने नोडल अधिकारी

परीक्षाओं के प्रभावी संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी. को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदार होंगे।
दो परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील घोषित
कलेक्टर ने बताया कि जिले में दो परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें—
- शासकीय पंडित रविशंकर शुक्ल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सागर
- महारानी लक्ष्मीबाई सांदीपनि विद्यालय क्रमांक-1, सागर
पुलिस अभिरक्षा में होगा प्रश्नपत्रों का वितरण
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री का वितरण पुलिस अभिरक्षा में किया जाए। इसके साथ ही समन्वय संस्था में 24 घंटे पुलिस गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
उड़न दस्ता करेगा सतत निरीक्षण
परीक्षा के दौरान उड़न दस्तों को सक्रिय रखा जाएगा, जो लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी केंद्र पर नकल या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला व विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम
परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत, समस्या या सूचना के त्वरित समाधान के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में संभागीय अधिकारी (माशिमं) आर.एस. दाहिमा, समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी, शैलेंद्र जाट सहित शिक्षा विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षाएं निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों, यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।