भोपाल। राजधानी में अहातों में शराब पीने पर साल 2023 में तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध ने कानून व्यवस्था के नाम पर नए विवाद को जन्म दिया। इस फैसले का फायदा उठाते हुए शराब माफिया ने भोपाल में अवैध नाइट लाइफ नेटवर्क तैयार कर लिया है।
दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि शहर के कई ढाबे अब खाने-पीने की जगह नहीं, बल्कि बिना लाइसेंस चल रहे बार बन चुके हैं। इन ढाबों पर शराब खुलेआम परोसी जाती है और ढाबा संचालक यह दावा कर रहे हैं कि पुलिस और आबकारी विभाग का कोई डर नहीं है।
नटखट ढाबा: पुलिस से भी बेखौफ

भोपाल के कोलार रोड स्थित नटखट ढाबा में चल रहे अवैध नेटवर्क का नेतृत्व वीरेंद्र राजपूत कर रहे हैं। उनका दावा है कि पुलिस रेड जैसी कोई कार्रवाई नहीं होती, और अगर आबकारी टीम आती भी है, तो सिर्फ नाम पूछा जाता है और मामला वहीं खत्म।
- यह प्रॉपर्टी पूर्व बीजेपी विधायक ध्रुव नारायण सिंह की बताई जाती है।
- रात 11:30 बजे तक शराब उपलब्ध कराई जाती है।
- पूरी प्राइवेट प्रॉपर्टी 12,000 रुपए प्रतिदिन में बुक की जा सकती है।
- पुलिस कार्रवाई से बचाने की पूर्ण गारंटी भी दी जाती है।
डायल 112 की देरी ने किया पोल खोल दी

स्टिंग में भास्कर रिपोर्टर ने रात 11:45 बजे डायल 112 को कॉल कर नटखट ढाबा पर शराब पिलाने की शिकायत की।
- पुलिस टीम मौके पर लगभग सवा घंटे बाद 1:05 बजे पहुंची।
- केवल ढाबा संचालक से बातचीत की और बिना कोई कार्रवाई लौट गई।
- न कोई शराब जब्त हुई, न कोई पंचनामा बनाया गया।
इस घटना ने दिखा दिया कि ढाबा संचालक द्वारा पहले ही कहा गया “सब सेट है” का दावा सच था।
बंगरसिया और ठाकुर फैमिली ढाबा: ऑर्डर पर ब्रांडेड शराब

भोपाल के बंगरसिया ढाबे में भी यही हालात हैं।
- धनीराम केवट संचालित ढाबे में आरएस, ओल्ड मॉन्क जैसी ब्रांडेड शराब उपलब्ध।
- 10-12 लोगों की पार्टी के लिए पहले से सूचना देने पर पूरा इंतजाम किया जाता है।
ठाकुर फैमिली ढाबा में भी छोटे प्राइवेट स्पेस बनाए गए हैं ताकि लोग बिना डर के शराब पी सकें।
- संचालक प्रमोद सिंह जादौन ने कहा कि जो दारू कहा जाए, मिल जाएगी।
- शराब का रेट ठेके से भी कम रखा गया।