भोपाल। ग्वालियर हाईकोर्ट कैम्पस में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव और उनके समर्थकों ने आज भोपाल में रैली निकाली।
रैली बोर्ड ऑफिस चौराहा से शुरू होकर शिवाजी चौराहा की तरफ बढ़ी। शुरुआत में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने बैरिकेडिंग कर रैली को रोक दिया। करीब आधे घंटे तक पुलिस से बहस करने के बाद भी आगे जाने की अनुमति न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर रैली समाप्त की।
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति का बयान

रैली में शामिल पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने रामभद्राचार्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “वो दिल से अंधे हैं, ऊपर से भी अंधे हैं। अंधा आदमी सन्यासी नहीं बन सकता।”
आरडी प्रजापति ने कहा, “हमारी सरकार आने पर पांच बाबाओं—धीरेन्द्र शास्त्री, रामभद्राचार्य, अनिरुद्धाचार्य, बेलपत्री महाराज मिश्रा और देवकीनंदन शर्मा—की जांच कराएगी। ये बाबा संविधान का नाश कर रहे हैं और मनुवाद लाने का काम कर रहे हैं। भाजपा के एजेंट ऐसे लोगों को उखाड़ फेकेंगे।”
अपने बेटे पूर्व विधायक राजेश प्रजापति के बयान पर उन्होंने कहा, “बेटे का काम अलग है। मैं बाबा साहब का अनुयायी हूं, कांशीराम का सिपाही हूं। जब तक जीवित रहूंगा, भारत के सब लोग मेरे बच्चे हैं। मेरा अपना इस दुनिया में कोई नहीं।”
मूर्ति स्थापना को लेकर संघर्ष
दलित पिछड़ा समाज संगठन के अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा कि कुछ मनुवादी लोग ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति नहीं लगने दे रहे। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं ने नागपुर जाकर बाबा साहब की दीक्षा भूमि पर संकल्प लिया है कि हर हाल में मूर्ति लगवाई जाएगी। उन्होंने कहा, “जब तक मूर्ति नहीं लगती, हम घर नहीं जाएंगे।”
यूजीसी बिल और दलित विरोधी नीतियों पर टिप्पणी
दामोदर यादव ने कहा कि यूजीसी बिल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय से वे सहमत नहीं हैं। “हम चाहते हैं कि बच्चों को जो सुरक्षा कवच मिला था, वह जारी रहे।” उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की सरकार मूर्ति नहीं लगाना चाहती और धीरेन्द्र शास्त्री को संविधान तोड़ने की इजाजत देती है, जबकि केंद्र सरकार दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग की विरोधी है