सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद 30 जनवरी को अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका मुख्य कारण मार्केट में मुनाफा वसूली (Profit Booking) है।
कीमतों में गिरावट का विवरण:
- सोना: ₹6,865 प्रति 10 ग्राम कम होकर ₹1,68,475 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
(गुरुवार को सोने का भाव ₹1,75,340 प्रति 10 ग्राम था) - चांदी: ₹22,825 प्रति किलो कम होकर ₹3,57,163 प्रति किलो हो गई।
(गुरुवार को चांदी की कीमत ₹3,79,988 प्रति किलो थी)

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, यह रेट GST, ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज और मार्जिन शामिल नहीं करते, इसलिए अलग-अलग शहरों में कीमतें थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। यह रेट RBI द्वारा सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंकों द्वारा गोल्ड लोन के रेट तय करने में इस्तेमाल किए जाते हैं।
जनवरी में सोने-चांदी की बढ़ोतरी
हालांकि एक दिन की गिरावट के बाद भी जनवरी में सोने और चांदी की कीमतों में अब तक काफी उछाल रहा है।
- सोना: 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,33,195 था, जो अब ₹1,68,475 हो गया। यानी 29 दिन में ₹35,280 की बढ़ोतरी।
- चांदी: 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी ₹2,30,420 थी, जो अब ₹3,57,163 हो गई। यानी ₹1,26,743 का इजाफा।
पिछले 10 दिनों में सोना औसतन ₹2,688 और चांदी ₹7,527 रोजाना महंगी हुई।

सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें:
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) का हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क से सोने की कैरट वैल्यू और उसकी प्रामाणिकता का पता चलता है। - कीमत क्रॉस चेक करें:
सोने का सही वजन और उस दिन का रेट IBJA जैसी भरोसेमंद वेबसाइट से क्रॉस चेक करना जरूरी है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड के रेट अलग-अलग होते हैं।

असली चांदी की पहचान के 4 आसान तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से चिपकती नहीं।
- आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें, असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलेगी।
- स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में कोई गंध नहीं होती, नकली में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।
- क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें, असली सिल्वर पर काला निशान आएगा।
इस अचानक गिरावट ने निवेशकों और ज्वेलर्स दोनों को सतर्क कर दिया है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि लगातार चार दिन ऑल टाइम हाई के बाद सोने-चांदी में मुनाफा वसूली सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए खरीद-बिक्री निर्णय सोच-समझकर करें।