अनिल अंबानी ग्रुप को झटका,RCOM के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग गिरफ्तार !

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नई दिल्ली: अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। ईडी का आरोप है कि गर्ग ने अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के जरिए बैंकों के साथ करीब 40,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी में अहम भूमिका निभाई।

शुक्रवार को ईडी ने जानकारी दी कि दिल्ली की विशेष अदालत ने पुनीत गर्ग को 9 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। उन्हें गुरुवार को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद लंबी पूछताछ के बाद यह गिरफ्तारी हुई।

24 साल तक RCOM में रहे अहम पदों पर

ईडी के मुताबिक पुनीत गर्ग 2001 से 2025 तक रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े रहे। इस दौरान वे डायरेक्टर और प्रेसिडेंट जैसे शीर्ष पदों पर रहे और कंपनी के अहम फैसलों में उनकी सीधी भागीदारी थी।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस लंबे कार्यकाल के दौरान गर्ग को कंपनी के वित्तीय लेनदेन, बैंक लोन और फंड के इस्तेमाल की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने कथित रूप से बैंक धोखाधड़ी से मिले पैसों को छिपाने, इधर-उधर करने (लेयरिंग) और ठिकाने लगाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

लोन डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश

ईडी की जांच में सामने आया है कि आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ रुपए के लोन को तय उद्देश्य में इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय इस राशि को विभिन्न शेल कंपनियों और विदेशी सब्सिडियरी के जरिए डायवर्ट किया गया।

एजेंसी का आरोप है कि यह पैसा कई देशों में मौजूद कंपनियों के माध्यम से घुमाया गया, ताकि उसकी असली पहचान और स्रोत छिपाया जा सके। ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग को इस पूरे नेटवर्क और फंड फ्लो की जानकारी थी और उन्होंने इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाने में मदद की।

पत्नी के नाम की संपत्तियां पहले ही जब्त

गिरफ्तारी से ठीक दो दिन पहले ईडी ने एक और बड़ी कार्रवाई की थी। एजेंसी ने पुनीत गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड निवेशों को अटैच कर लिया था।

ईडी का मानना है कि ये संपत्तियां बैंक धोखाधड़ी से हासिल किए गए पैसों से बनाई गई थीं। इसी कार्रवाई के बाद से संकेत मिलने लगे थे कि जांच एजेंसी गर्ग के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

अनिल अंबानी ग्रुप की बढ़ीं मुश्किलें

पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी को अनिल अंबानी ग्रुप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आरकॉम पहले ही भारी कर्ज, कानूनी विवादों और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। अब कंपनी के शीर्ष स्तर के अधिकारी की गिरफ्तारी से ग्रुप की साख पर और असर पड़ सकता है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अनिल अंबानी ग्रुप या रिलायंस कम्युनिकेशंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जांच अभी जारी

ईडी सूत्रों के अनुसार, 9 दिनों की कस्टडी के दौरान गर्ग से फंड ट्रेल, विदेशी लेनदेन, अन्य अधिकारियों की भूमिका और संभावित बेनामी संपत्तियों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों या संपत्ति जब्ती की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है।

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