विधायक प्रदीप लारिया के आतिथ्य में कर्रापुर में भव्य बसंत पंचमी मेला संपन्न !

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नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद कर्रापुर स्थित गंगाधाम मेला प्रांगण में शनिवार को बसंत पंचमी मेला महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर धार्मिक आस्था, क्षेत्रीय संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव का विधिवत शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने पूजा-अर्चना एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ किया। शुभारंभ के पश्चात मेला परिसर में श्रद्धालुओं और नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से परिपूर्ण हो गया।

बसंत पंचमी का पर्व भारतीय सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती की आराधना के साथ-साथ वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इसी पावन अवसर को चिह्नित करते हुए कर्रापुर में आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा। श्रद्धालुओं ने माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना कर विद्या, विवेक और सुख-समृद्धि की कामना की।

महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। मंच पर प्रस्तुत बधाई नृत्य और बरेदी नृत्य ने क्षेत्र की लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया। राजस्थान की प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य शैली ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं स्थानीय ढिमरयाई गायन एवं नृत्य ने भी खूब सराहना बटोरी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोककलाकारों को सम्मान और प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यू-ट्यूब के लोकप्रिय बुंदेली हास्य कलाकार असवेन्द्र दादा एवं राघवेन्द्र सिंह लोधी ‘हल्लेदाउ’ रहे। उनकी हास्य प्रस्तुतियों पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, भोपाल के भजन गायक राजेंद्र शर्मा ने अपनी सुमधुर वाणी से भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया।

इस अवसर पर विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि क्षेत्र का विकास केवल भौतिक संसाधनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।

बसंत पंचमी मेला महोत्सव ने कर्रापुर को आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता के केंद्र के रूप में स्थापित किया, जिससे क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा।

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