दमोह शहर के अस्पताल चौराहे पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रविदास जयंती की शोभायात्रा के दौरान दो युवकों के बीच विवाद हो गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। शोभायात्रा और भीड़ के बीच हुई इस घटना से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक आपस में गाली-गलौज करते हुए एक-दूसरे पर हाथापाई करने लगे। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग-अलग करने की कोशिश की, ताकि स्थिति और न बिगड़े। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को पकड़कर उसे समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी दौरान पीछे से एक अन्य पुलिसकर्मी आता है और युवक पर लाठी चला देता है। लाठी लगते ही युवक वहां से हट जाता है, जबकि पुलिस दूसरे युवक को अपने साथ ले जाती नजर आती है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
थाना प्रभारी ने दी सफाई

इस पूरे मामले पर कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल चौराहे पर दो युवक आपस में झगड़ रहे थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों को शांत कराने के लिए बीच-बचाव किया था। थाना प्रभारी ने किसी भी प्रकार की मारपीट या लाठीचार्ज से इनकार किया है।
उनका कहना है कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। दोनों युवकों को अलग-अलग करने का प्रयास किया गया, ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ सके। पुलिस एक युवक को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई है।
स्थिति रही नियंत्रण में
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और शोभायात्रा आगे बढ़ाई गई। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस वीडियो की भी जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।