खजुराहो/नागपुर – राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (नागपुर) के दो अधिकारियों पर कलाकारों से अवैध कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विधायक पटेरिया ने अधिकारी गणपत लाल प्रजापति और दीपक पाटिल पर कलाकारों के भुगतान रोकने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।

कलाकारों को भुगतना पड़ रहा है परेशानियाँ
पत्र में कहा गया है कि कई कलाकार अपने मानदेय की राशि लेने के लिए महीनों तक इंतजार करते हैं। अगर कलाकार अधिकारियों की अवैध मांग मानने से इनकार करते हैं तो उनके बिल लंबित रखे जाते हैं।
विधायक ने दावा किया कि कई कलाकारों के पास भ्रष्टाचार सिद्ध करने वाले ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध हैं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग में खुलासा
एक ऑडियो में अधिकारी गणपत प्रजापति और कलाकार गणेश रजक के बीच बातचीत रिकॉर्ड की गई है। इसमें अधिकारी स्पष्ट रूप से कार्यक्रम के बदले मिलने वाले मानदेय का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के रूप में देने की मांग कर रहे हैं।
- कुल मानदेय: 1 लाख 71 हजार रुपए
- रिश्वत के लिए लौटाने की राशि: 51 हजार रुपए
- प्रत्येक कलाकार को मिलने वाले 9,000 रुपए में से 2,700 रुपए वापस देने का दबाव
ऑडियो में अधिकारियों की यह मांग साफ-साफ सुनाई दे रही है, जो गंभीर भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
खजुराहो में सांस्कृतिक गतिविधियों पर सवाल

विधायक पटेरिया ने पत्र में खजुराहो में सांस्कृतिक गतिविधियों की सुस्ती पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि:
- कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई जाए
- क्षेत्रीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए
- बुंदेलखंड की कला और संस्कृति का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए
- पर्यटकों को स्थानीय कला और संस्कृति देखने का अवसर मिले
विधायक का कहना है कि इस तरह की भ्रष्टाचार की घटनाएं कलाकारों की भावनाओं और स्थानीय कला के सम्मान को नुकसान पहुंचा रही हैं।
पुलिस/सांस्कृतिक केंद्र की प्रतिक्रिया
इस मामले में अभी तक सांस्कृतिक केंद्र या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। केंद्रीय मंत्रालय से कार्रवाई की संभावना और जांच प्रक्रिया पर भी निगाह रखी जा रही है।