सागर।
सागर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बम्होरी स्थित खंभा फैक्ट्री के पास यात्री बस और कंटेनर के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बस में सवार तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मां हरसिद्धि ट्रेवल्स की यात्री बस (क्रमांक MP 49 P 0811) सोमवार को सागर बस स्टैंड से सवारियां लेकर नरसिंहपुर की ओर जा रही थी। जब बस बम्होरी के पास खंभा फैक्ट्री के नजदीक पहुंची, तभी सामने से आ रहे कंटेनर (क्रमांक HR 38 Z 6211) से उसकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कैबिन में बैठे यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बस में फंसे घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस के जरिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर में भर्ती कराया गया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि इस दुर्घटना में अर्पित गौंड निवासी हनोता, राजू हल्केभाई नागवंशी निवासी बक्सवाहा और आरती ठाकुर निवासी मकरोनिया घायल हुए हैं। इनमें आरती ठाकुर को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। राहत की बात यह रही कि बस और कंटेनर के चालक इस हादसे में सुरक्षित हैं।
घटना के बाद नेशनल हाईवे-44 पर लंबा जाम लग गया था, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और कंटेनर को सड़क से हटवाया। करीब कुछ समय बाद यातायात को धीरे-धीरे सुचारू किया जा सका।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार या लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस हादसे के बाद एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा और वाहन चालकों की सावधानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हाईवे पर गति सीमा का पालन करें और सतर्कता के साथ वाहन चलाएं, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।