सागर जिले के खुरई स्थित सरकारी छात्रावास में 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके गर्भवती हो जाने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। इस गंभीर और शर्मनाक घटना को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एसडीएम मनोज चौरसिया को ज्ञापन सौंपा और छात्रावास प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस ने मामले में वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करने और दोषियों को जेल भेजने की मांग की है।
बीमारी के बहाने सामने आया सच

जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा खुरई के सरकारी छात्रावास में रहकर कक्षा आठवीं की पढ़ाई कर रही थी। कुछ दिनों से उसकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। जब स्थिति गंभीर हुई तो जांच में उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ।
आरोप है कि छात्रा ने पहले ही अपनी शारीरिक परेशानी की जानकारी छात्रावास के स्टाफ को दी थी, लेकिन प्रबंधन ने न तो इसे गंभीरता से लिया और न ही इसकी सूचना उच्च अधिकारियों या पुलिस को दी। मामले को दबाने की कोशिश की गई।
घटना का खुलासा तब हुआ जब परिजन बच्ची को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे।
“यह अपराध नहीं, सुरक्षा में भारी चूक है”
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस नेताओं का नेतृत्व पूर्व प्रदेश सचिव अंशुल सिंह परिहार ने किया। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी और संवेदनशील घटना के बाद भी जिम्मेदारों को क्यों बचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सरकारी छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता है। अगर वार्डन और दोषी कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।”
छात्रावासों की सुरक्षा पर उठे सवाल

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकारी छात्रावासों में रहने वाली बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यदि समय रहते छात्रा की शिकायत पर ध्यान दिया जाता, तो यह घटना रोकी जा सकती थी।
ज्ञापन के दौरान प्रदेश प्रतिनिधि आशु भाईजान, लक्ष्मीकांत ताम्रकार, एडवोकेट चंद्रशेखर मिशन, विजय सोलंकी, देवेंद्र अहिरवार और ऋषि राज दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम मनोज चौरसिया ने कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।