सागर के डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में चंदन और सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई में दो बदमाश गिरफ्तार !

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सागर, मध्यप्रदेश – डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में जंगल से चंदन और सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग ने एक सफल कार्रवाई की और दो बदमाशों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इस कार्रवाई में सागौन और चंदन की लकड़ी, कटाई के औजार, नशीली गोलियां और अन्य सामग्री जब्त की गई। दोनों आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले किया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

घटना का विवरण:

यह घटना रात करीब 3 बजे की है, जब विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों को नैनो टेक्नोलॉजी भवन परिसर में चोरी करने की आहट मिली। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, जंगल में पेड़ काटे जाने की आवाजें सुनाई दीं, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि अवैध रूप से लकड़ी की कटाई हो रही है। इसके तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों को वायरलेस के माध्यम से सूचना दी गई और प्रो. राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में 40 सदस्यीय सुरक्षा टीम ने परिसर की सर्चिंग शुरू कर दी।

सर्चिंग के दौरान जंगल में चारों ओर से घेराबंदी की गई, और अंततः दो युवकों को पेड़ों की कटाई करते हुए पकड़ा गया। इन युवकों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम आबिद (पिता: मोहम्मद खां) और अनवर (पिता: बाबू खां) बताया। दोनों सीहोर जिले के निवासी हैं।

बरामद सामग्री:

इन दोनों युवकों के कब्जे से महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई, जिसमें:

  1. चंदन और सागौन की लकड़ी के टुकड़े
  2. पेड़ काटने के कई औजार
  3. नशीली गोलियां
  4. दो बाइकें
  5. अन्य सामग्री शामिल थी।

सुरक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन बदमाशों को पकड़कर सुरक्षा विभाग में लाकर सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई:

सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनकी भूमिका के बारे में और जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है, खासकर जंगलों और आसपास के इलाकों में अवैध कटाई से जुड़े अन्य कनेक्शन।

सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:

विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग ने इस घटना को लेकर अपनी तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। सुरक्षा अधिकारी प्रो. राजेन्द्र यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय के परिसर में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है और नियमित रूप से जांच-पड़ताल की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि परिसर में किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।

डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में हुई यह घटना न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा विभाग की सक्रियता को भी उजागर करती है। अवैध लकड़ी की कटाई जैसे मामले जंगलों के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और इससे जुड़े अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने यह साबित किया है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और तत्परता की आवश्यकता है, जिससे परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शांति बनी रहे।

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई में यह मामला न केवल विश्वविद्यालय की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण हो सकता है, बल्कि यह अन्य अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी का संदेश हो सकता है।

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