सागर।
कलेक्टर संदीप जी. आर. के निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश शासन की “संकल्प से समाधान योजना” के अंतर्गत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा शासकीय कन्या महाविद्यालय, सागर में दिनांक 03 फरवरी 2026 को अध्ययनरत छात्राओं के लिए लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के कुल 122 लर्निंग लाइसेंस निःशुल्क बनाए गए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने छात्राओं को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि वे वाहन हमेशा धीमी व नियंत्रित गति से चलाएं, बिना हेलमेट वाहन न चलाएं, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन संचालन न करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने बताया कि युवतियों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
इसी क्रम में कलेक्टर के निर्देशानुसार क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा शहरी क्षेत्र में 22 स्कूल वाहनों एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान एक स्कूल बस में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। बस में कैमरा चालू नहीं पाया गया, टायर रिमोल्ड अवस्था में थे, आपातकालीन द्वार नहीं खुल रहा था, चालक निर्धारित गणवेश में नहीं था, तथा वाहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। उक्त कमियों के चलते संबंधित स्कूल बस को तत्काल जप्त कर कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया।

चेकिंग अभियान के दौरान यात्री बसों एवं अन्य वाहनों की भी जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि दो यात्री बसों में एचएसआरपी नंबर प्लेट एवं रिफ्लेक्टर टेप नहीं थे, वाहन से संबंधित दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे, चालकों के पास वैध लाइसेंस नहीं थे अथवा वे निर्धारित गणवेश में नहीं पाए गए। इन अनियमितताओं पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹16,500 का जुर्माना वसूल किया गया।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने समस्त स्कूल बस संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार स्कूल बसों का संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर, वैध बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक के पास हैवी लाइसेंस होना चाहिए तथा चालक निर्धारित गणवेश में ही वाहन का संचालन करे। साथ ही स्कूल बसों में निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को न बैठाया जाए।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों के लिए उपयोग में लाए जा रहे स्कूल वाहनों की स्वयं जांच करें। यदि किसी वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा हो या अन्य कोई अनियमितता पाई जाए, तो तत्काल परिवहन जांच दल को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह जांच एवं कार्रवाई अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और यातायात नियमों का सख्ती से पालन हो।