खुरई। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार शाम और देर रात अलग-अलग स्थानों पर हुए हमलों में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सिविल अस्पताल खुरई में प्राथमिक इलाज के बाद भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल दो लोगों को सागर रेफर किया गया है।
खेलते समय बच्चों पर हमला
घटना राहतगढ़ रोड स्थित पुराने जरवांस गांव और वर्तमान में रानी अवंतीबाई वार्ड की है। यहां एक आवारा कुत्ते ने खेल रहे सलमान खान (4 वर्ष), निवासी छतरपुर, पर अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के चेहरे पर गंभीर घाव कर दिए। बच्चे के पिता सलीम खान ने बताया कि उनका बेटा घर के पास खेल रहा था, तभी कुत्ते ने झपट्टा मार दिया।

इसी कुत्ते ने सोनू अहिरवार के ढाई साल के बेटे सिद्धार्थ अहिरवार पर भी हमला कर दिया। बच्चे के हाथ के पंजे में गहरे जख्म आए हैं। दोनों बच्चों को तत्काल सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से सलमान की हालत गंभीर होने पर उसे सागर रेफर किया गया।
राह चलते व्यक्ति पर भी हमला
इसी क्रम में बंदरावठा निवासी सुनील ठाकुर (50 वर्ष) पर भी एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। सुनील ठाकुर ने बताया कि वे रास्ते से गुजर रहे थे, तभी कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें भी प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया है।
इसके अलावा, कुत्तों ने हाकम चढ़ार की बकरियों को भी काटकर घायल कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में और ज्यादा भय का माहौल बन गया है।
अस्पतालों में बढ़ रहा बोझ

सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल खुरई ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए। लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते अस्पताल में भी मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
35 दिनों में 387 लोग बन चुके हैं शिकार
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2026 के केवल 35 दिनों में अब तक 387 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।
- जनवरी माह में: 334 लोग
- फरवरी में (बुधवार तक): 53 लोग

ये आंकड़े केवल उन लोगों के हैं जो सिविल अस्पताल खुरई इलाज के लिए पहुंचे। निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
लोगों में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार हो रहे हमलों से खुरई शहर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन से आवारा कुत्तों की धरपकड़, नसबंदी और सुरक्षित प्रबंधन की मांग की है।