छतरपुर। जिले में राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बुधवार को बड़ामलहरा तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों से जुड़ी फाइलों की गहन जांच की, जिसमें कई मामलों में नियमों की अनदेखी और प्रक्रियागत खामियां सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की।
एक ही दिन में आवेदन और निराकरण पर संदेह
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि राजस्व प्रकरणों के कुल निराकरण प्रतिशत में तो वृद्धि हुई है, लेकिन कुछ मामलों में आवेदन और निराकरण एक ही दिन में किए जाने की स्थिति सामने आई। इसे संदिग्ध मानते हुए कलेक्टर ने ऐसे मामलों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर जैसवाल ने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन प्रकरणों, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे से जुड़े सभी मामलों का निराकरण नियमानुसार, पारदर्शी प्रक्रिया और निर्धारित समय-सीमा में ही किया जाना चाहिए।
नेगेटिव डिस्पोजल फाइलों में खामियां

निरीक्षण के दौरान नेगेटिव डिस्पोजल से संबंधित फाइलों की भी जांच की गई। कई फाइलों में तारीख अंकित नहीं पाई गई, जो गंभीर लापरवाही मानी गई। इसके अलावा पब्लिक डोमेन से प्राप्त आवेदनों को निरस्त किए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों को ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज किया जाए और उनका निराकरण केवल नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर ही किया जाए।
बिना इस्तिहार निराकरण पर रीडर्स को फटकार
जांच में यह भी सामने आया कि कई राजस्व प्रकरणों का निराकरण आवश्यक इस्तिहार जारी किए बिना ही कर दिया गया। इस गंभीर चूक पर कलेक्टर ने रीडर्स को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की सख्त हिदायत दी।
साथ ही लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित संचालक को निर्देश दिए गए कि सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ही दर्ज कराए जाएं।
एसआईआर कार्यों की भी समीक्षा
कलेक्टर जैसवाल ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्राप्त आपत्तियों के निराकरण और नो मैपिंग वाले मतदाताओं की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने दो टूक कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मनमानी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के समय एसडीएम आयुष जैन के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय से सहायक ग्रेड-3 रामानंद पटेल, अरुण कुमार तिवारी और ललित कुमार वैद्य भी मौजूद रहे।