घटना का विस्तृत विवरण
खजुराहो के भरवा गाँव में एक 30 वर्षीय युवक रामपाल ने सोमवार सुबह अपने 55 वर्षीय पिता मनकू पाल को हनुमान मंदिर से लाई गई गदा से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसी हमले में उसने अपने 25 वर्षीय चचेरे भाई महेश पाल को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

2. वीडियो वायरल, आरोपी का डरावना बयान
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें:
- रामपाल के हाथ रस्सी से बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं।
- पिता का शव उसके पास पड़ा है।
- आरोपी बेहद अशुभ बयान देता नजर आता है:
“मैंने अपने पिता का खून पीया… हमारे बच्चे भूखे हैं… उषा, अनन्या… 40 हजार का मोबाइल चलेगा…”
घटना की पृष्ठभूमि: जमीन विवाद और मानसिक बीमारी
1. पुश्तैनी जमीन को लेकर झगड़ा
- रामपाल और उसके तीन भाइयों का पिता मनकू पाल से जमीन बंटवारे को लेकर लगातार विवाद चल रहा था।
- रामपाल अपने दादा के नाम की जमीन पर भी दावा करता था, जिसे लेकर वह पिता से अक्सर उलझता था।
2. मानसिक रूप से अस्थिर?
- ग्रामीणों के अनुसार, रामपाल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
- गर्मियों में उसकी हालत बिगड़ती थी, और वह कई सालों से इलाज करवा रहा था।
- हालांकि, परिवार ने कभी आधिकारिक तौर पर कोई मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को नहीं दी।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या?
- सुबह का विवाद:
- सोमवार सुबह जमीन को लेकर पिता-बेटे में तीखी बहस हुई।
- मंदिर से गदा लाना:
- रामपाल ने पास के हनुमान मंदिर से गदा उठाई और पिता पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया।
- चचेरे भाई पर हमला:
- जब महेश पाल ने बीच में आकर रोकने की कोशिश की, तो उसे भी गंभीर चोटें आईं।
- पिता की मौत:
- मनकू पाल की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
- खजुराहो एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- मामला दर्ज: पिता की हत्या और चचेरे भाई की जानलेवा पिटाई के आरोप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं लगाई गई हैं।
- जांच चल रही है: पुलिस रामपाल की मानसिक स्थिति और जमीन विवाद की पड़ताल कर रही है।
प्रमुख सवाल
- क्या रामपाल वाकई मानसिक रूप से बीमार था?
- अगर हाँ, तो परिवार ने उसके इलाज में लापरवाही क्यों की?
- क्या जमीन विवाद हत्या का मुख्य कारण था?
- मंदिर से गदा कैसे उठा ली गई? क्या धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा की कमी है?

यह घटना पारिवारिक विवादों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही की भयावह तस्वीर पेश करती है। जब तक जमीन बंटवारे के झगड़ों का समाधान नहीं निकाला जाता और मानसिक रोगियों को उचित इलाज नहीं मिलता, ऐसी घटनाएँ होती रहेंगी।
पुलिस और प्रशासन को इस मामले में गहन जांच करके न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
व्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
9109619237, 7806077338