बुंदेलखंड की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार शाम भव्य और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। ऐतिहासिक नोहलेश्वर धाम की पावन भूमि पर शुरू हुए इस महोत्सव ने पहले ही दिन संस्कृति प्रेमियों का दिल जीत लिया।
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर जबेरा विधानसभा क्षेत्र से आईं 51 दिवारी टोलियों ने ढोल-नगाड़ों की गूंजती थाप पर पारंपरिक दिवारी नृत्य प्रस्तुत किया। वीर रस और लोक परंपरा से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को बुंदेलखंडी रंग में रंग दिया। खास बात यह रही कि प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी खुद को रोक नहीं पाए और ग्वाल-बालों के साथ दिवारी नृत्य करते नजर आए। मंत्री का यह आत्मीय अंदाज उपस्थित जनसमूह के लिए खास आकर्षण बन गया।

आयोजन समिति ने नोहलेश्वर महोत्सव को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया है। दिन के समय विभिन्न शासकीय विभागों की प्रदर्शनियां, किसान सम्मेलन, जन-जागरूकता कार्यक्रम और विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं रात के समय सांस्कृतिक संध्याएं सजेंगी, जिनमें 1000 से अधिक स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही पुरातत्व विभाग द्वारा महापुरुषों और क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो दर्शकों को बुंदेलखंड के गौरवशाली अतीत से रूबरू कराएगी।

दस दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में कई नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। कैलाश खेर अपने सूफी भजनों से आध्यात्मिक माहौल रचेंगे। पुनीत इस्सर ग्रुप द्वारा महाभारत और अन्य पौराणिक कथाओं का प्रभावशाली मंचन किया जाएगा। ‘हर हर शंभू’ फेम अभिलिप्सा पांडा अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। वहीं हरिओम पवार के नेतृत्व में प्रसिद्ध कवि समूह द्वारा वीर रस और हास्य से भरपूर कवि सम्मेलन आयोजित होगा।

महोत्सव के तहत 12 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नोहटा पहुंचेंगे। वे यहां एक विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देना है।

नोहलेश्वर महोत्सव के दौरान सामाजिक सरोकारों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यहां एक स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें 100 डॉक्टरों की टीम लगभग 10 हजार लोगों का मुफ्त इलाज करेगी। मनोरंजन के लिए हॉट एयर बैलून, बच्चों के झूले, जलपरी जैसे आकर्षण और अन्य गतिविधियां भी मौजूद हैं, जो महोत्सव को परिवारों के लिए खास बना रही हैं।
उद्घाटन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुशमारिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। नोहलेश्वर महोत्सव न केवल सांस्कृतिक उत्सव के रूप में उभर रहा है, बल्कि यह बुंदेलखंड की पहचान, विकास और सामाजिक चेतना का सशक्त मंच भी बनता जा रहा है।