छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुभाग अंतर्गत गौरिहार थाना क्षेत्र के चितहरी गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घरेलू विवाद सुलझाने पहुंचे डायल 112 के एक आरक्षक पर परिजनों ने पथराव कर दिया। इस हमले में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
पत्नी से मारपीट का आरोप, डायल 112 पर दी गई सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार चितहरी गांव निवासी देशराज प्रजापति का अपनी पत्नी और साले के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि देशराज अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। हालात बिगड़ते देख पत्नी के भाई (साले) ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी।
समझाइश के दौरान अचानक पथराव
सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल आरक्षक शंकर लाल विवाद को शांत कराने और दोनों पक्षों को समझाइश देने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक देशराज के परिजनों ने उग्र होकर आरक्षक पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में आरक्षक शंकर लाल को चोटें आईं और वे मौके पर ही घायल हो गए।

घायल आरक्षक अस्पताल में भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही गौरिहार थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायल आरक्षक को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार आरक्षक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
गांव में पुलिस बल तैनात, जांच शुरू
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने चितहरी गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने मामले में पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डायल 112 जैसे आपात सेवा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला गंभीर अपराध है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आपात स्थिति में मदद के लिए पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है और ऐसे मामलों में कानून का कड़ाई से पालन कितना जरूरी है।