पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार को पूरी तरह सही और सोच-समझकर लिया गया फैसला बताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी भी दबाव में अपना रुख नहीं बदलेगा और बांग्लादेश के समर्थन में मजबूती से खड़ा रहेगा। शरीफ के बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करेगी, भले ही ICC की ओर से चेतावनी दी गई हो।
सरकारी बैठक के बाद PM का सख्त बयान
सरकार की उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा,
“हमने T20 वर्ल्ड कप को लेकर बिल्कुल स्पष्ट रुख अपनाया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। खेल के मैदान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह फैसला भावनाओं में नहीं, बल्कि पूरी सोच-विचार के बाद लिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को इस मुद्दे पर बांग्लादेश के साथ खड़ा रहना चाहिए, क्योंकि उसके साथ जो हुआ, वह सही नहीं है।
1 फरवरी को हुआ था बहिष्कार का ऐलान
गौरतलब है कि 1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार का आधिकारिक ऐलान किया था। इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।

हालांकि, तब से PCB की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ताजा बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फैसला सरकार का है और उसे बदला नहीं जाएगा।
बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया फैसला
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया है। दरअसल, ICC ने सुरक्षा कारणों को लेकर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। बांग्लादेश ने मांग की थी कि उसके भारत में होने वाले मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट किया जाए, लेकिन ICC ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
यह विवाद उस वक्त और गहराया, जब बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटा दिया गया। BCCI ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के विरोध में यह कदम उठाया था। इसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और कूटनीतिक रंग ले लिया।
ICC की चेतावनी—हो सकते हैं गंभीर नतीजे
ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान टीम भारत के खिलाफ इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए मैदान पर नहीं उतरती, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ICC का कहना है कि इस फैसले का असर पाकिस्तान में क्रिकेट के भविष्य और वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम पर पड़ सकता है, जिसमें पाकिस्तान खुद एक अहम सदस्य और लाभार्थी है। ICC ने यह भी याद दिलाया कि क्रिकेट को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान टीम कोलंबो पहुंची
इधर, पाकिस्तान की टीम अपने अन्य शुरुआती मुकाबलों के लिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंच चुकी है। टीम का अगला मुकाबला शनिवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेला जाना है।
PCB पहले ही यह साफ कर चुका है कि वह सरकार के फैसले के साथ है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि अगर नॉकआउट चरण में भारत से मुकाबले की स्थिति बनती है, तब भी अंतिम फैसला सरकार की सलाह के अनुसार ही लिया जाएगा।
PCB अध्यक्ष का बयान
PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के ICC के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था और उन्हें दूर करने की कोशिश होनी चाहिए थी।
हालांकि, ICC की सुरक्षा समीक्षा में भारत के वेन्यू पर बांग्लादेश के लिए खतरे का स्तर लो से मीडियम बताया गया था।
टकराव के आसार बरकरार
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर विवाद अभी थमने वाला नहीं है। एक ओर ICC क्रिकेट के हितों की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार अपने राजनीतिक और कूटनीतिक रुख पर अडिग नजर आ रही है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ICC और पाकिस्तान के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है।