सागर। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रति सप्ताह आयोजित शक्ति संवाद कार्यक्रम में प्रदेश की महिलाओं ने अपने आर्थिक सशक्तिकरण और व्यवसायिक अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके व्यवसायिक कौशल के माध्यम से आमदनी बढ़ाने और स्थायी स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में खुरई विकासखंड के ग्राम गधोला जागीर की आराध्या संकुल स्तरीय संगठन से जुड़ी जमुना बाई पाल ने अपने अनुभव साझा किए। पिछले कई वर्षों से वह भेड़ और बकरी पालन का कार्य कर रही हैं और यही उनके परिवार की आमदनी का मुख्य स्रोत है। समूह से लोन लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तारित किया और आज उनके पास 60 से अधिक भेड़-बकरियां हैं। उनके इस प्रयास से उन्होंने न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस व्यवसाय में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
जमुना बाई ने महिलाओं को बताया कि बकरी पालन से किस प्रकार उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक सफलता पाई। उन्होंने यह भी साझा किया कि बकरियों के गोबर से तैयार खाद से उनकी खेती में सुधार हुआ और उत्पादकता बढ़ी। इस प्रयास के माध्यम से अन्य महिलाओं ने भी बकरी पालन को कृषि के साथ संयोजित कर अपनाना शुरू किया। उन्होंने महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक संगठित और लाभकारी बन सका। आज यह समूह वर्ष में ₹1,00,000 से अधिक की आमदनी सिर्फ बकरियों के व्यवसाय से अर्जित करता है।

इसी प्रकार देवी विकासखंड के ग्राम बुलढाणा की कुसुम रैकवार ने दूध उत्पादन करने वाली महिलाओं को संगठित कर दूध प्रशिक्षण इकाई के माध्यम से उनका दूध संग्रहण, उत्पाद निर्माण और विपणन करने का कार्य शुरू किया। वर्तमान में प्रतिदिन 9,000 लीटर से अधिक दूध का संग्रहण और बिक्री किया जा रहा है। इस प्रयास से उन्होंने 50 से अधिक परिवारों की आमदनी को मजबूत बनाया और महिलाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया।
कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न जिलों जैसे सिवनी, बालाघाट, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदा पुरम आदि से मिशन से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया और अपने सवाल-जिज्ञासाओं को साझा किया। दोनों महिलाओं ने उपस्थित महिलाओं के प्रश्नों का कुशलतापूर्वक समाधान किया।

खुरई में कार्यक्रम का संयोजन रोहित मोदी, विकासखंड प्रबंधक, और देवरी में नीरज डहरवाल ने किया। सागर जिले में महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए कलेक्टर संदीप आर ने बैंक लिंकेज के माध्यम से महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने का विशेष प्रयास किया है। विकासखंड और जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठकों में महिलाओं के समूहों का सतत मूल्यांकन किया जाता है, ताकि किसी भी महिला समूह को बैंक लिंकेज से वंचित न रखा जाए।
इस पहल के परिणामस्वरूप महिलाओं ने अपनी आमदनी बढ़ाने और संभावित रोजगार अपनाने में सक्रिय भागीदारी दिखाई है। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की आमदनी बढ़ाती हैं बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सक्षम होती हैं।
शक्ति संवाद कार्यक्रम ने महिलाओं को संगठित स्वरोजगार, व्यवसायिक तकनीक और आर्थिक सशक्तिकरण के महत्व को समझाने का काम किया। इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण महिलाएं अगर संगठित होकर अपने व्यवसायिक कौशल को अपनाएं, तो वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं और समाज में नई पहचान स्थापित कर सकती हैं।